जॉर्डन के अधिकारियों ने रविवार को अल-अक्सा मस्जिद में 230 कट्टरपंथी यहूदियों को अनुमति देने के इजरायल सरकार के फैसले की निंदा की है।

दरअसल, कट्टरपंथी यहूदी पूरिम त्योहार मना रहे थे और इस छुट्टी पर “कार्निवल” उत्सव आयोजित करने के लिए एक दिन पहले सभी को बुलाया गया था, जो अक्सर यहूदियों द्वारा वेशभूषा और रंगीन पोशाक और मुखौटे के साथ मनाया जाता है। इस दौरान शराब पिलाई जाती है। मस्जिद के एक गेट के बाहर भी शराब की बोतलें मिली है।

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता, डेफल्लाह अल-फ़येज़ ने कहा कि इजरायली पुलिस ने जॉर्डन के वक़्फ़ (बंदोबस्ती) के अधिकारियों के साथ समन्वय के बिना अल-अक्सा मस्जिद में सैकड़ों कट्टरपंथियों को प्रवेश करने की अनुमति दी।

जार्डन के प्रवक्ता ने इजरायल की कार्रवाई को ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति के “घोर उल्लंघन” के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय कानून और इजरायल द्वारा किए गए प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन बताया। अल-फ़येज़ ने जोर देकर कहा कि यरूशलेम वक्फ विभाग एकमात्र कानूनी पार्टी है जो मस्जिद के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है, जिसमें यह तय करना भी शामिल है कि कौन प्रवेश कर सकता है।

अल-फ़येज़ ने कहा कि इजरायल को यरुशलम स्थित वक्फ अधिकारियों की यथास्थिति और अधिकार का सम्मान करना चाहिए।

जॉर्डन के राजा इजरायल के तत्कालीन प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी, जॉर्डन के राजा की मौजूदगी में 2014 में हुए समझौते के उल्लंघन से नाखुश हैं, जिसमें उन्होंने सहमति जताई थी कि अल-अक्सा मस्जिद मुसलमानों के लिए प्रार्थना करने और अन्य सभी लोगों के लिए यात्रा करने के लिए है। ”