जॉर्डन ने सोमवार को इजरायल से अनुरोध किया कि वह इस्लाम के तीसरे सबसे पवित्र स्थल यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद परिसर में अवरोध पैदा करना बंद कर दें।

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डेफल्लाह अल्फेज ने कहा कि उन्होंने इजरायल को “विरोध नोट” भेजा। जिसमें कहा गया कि “इस तरह के उल्लंघन और उकसावे से बचना चाहिए, और मुस्लिम पवित्र स्थलों का प्रशासन करने में जॉर्डन के जनादेश का सम्मान करना चाहिए।”

फिलहाल इज़राइल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

1994 के शांति समझौते के तहत, 1967 से इजरायल द्वारा कब्जा किए गए और कब्जे वाले शहर पूर्वी यरूशलेम में जॉर्डन मुस्लिम पवित्र स्थलों की निगरानी करता है।

इस स्थान को मुसलमानों द्वारा हरम अल-शरीफ और यहूदियों द्वारा मंदिर माउंट के रूप में जाना जाता है। परिसर में डोम ऑफ द रॉक और अल-अक्सा मस्जिद के स्वर्ण गुंबद हैं।

जॉर्डन ने कहा कि इजरायल की पुलिस ने डोम ऑफ द रॉक की मरम्मत का कार्य रोक दिया है। रविवार को, वक्फ ने भी इजरायल की पुलिस पर “परिसर में सभी पुनर्निर्माण परियोजनाओं” को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया, जिसमें इमारत में “रखरखाव के लिए आवश्यक बुनियादी सामग्रियों का प्रवेश शामिल है।”

शनिवार को, वक्फ ने कहा कि पुलिस ने “श्रमिकों और तकनीशियनों के पहचान पत्र की फोटोकॉपी करके, उन्हें काम करने से रोका और अगर काम जारी रहता है तो उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी है।”