लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन की और से दी गई चेतावनी के बाद इस्राईल डर गया हैं. हाल ही में हिज़्बुल्लाह ने इस्राईल को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर लेबनान के ख़िलाफ़ इस्राईल ने जंग शुरू की तो वह डिमोना न्यूक्लिएर रिएक्टर और अमोनिया टैंक से हाथ धो बेठेगा.

हिज़्बुल्लाह के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा था कि हिज़्बुल्लाह के एक से सवा लाख मीज़ाइल हैं. इनमे से कुछ मीज़ाइल तो इस्राईल के डिमोना एटाॅमिक प्लांट पर जा कर गिरेंगे. अगर ऐसा हो गया तो इस्राईल जिन  परमाणु हथियारों के दम पर उछलता हैं. वे ही उनकी तबाही का सबब बनेंगे.

हैफ़ा में अमोनिया का कारख़ाना

हसन नसरुल्लाह साफ़ तौर पर कहा हैं कि अगर इस्राईल ने नई लड़ाई छेड़ी तो हैफ़ा में 15 हज़ार टन अमोनिया गैस से भरे कंटेनरों को निशाना बनाया जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप इस शहर के आठ लाख लोग मौत की आगोश में समा जायेंगे. उन्होंने दावा किया कि इस्राईल अब लड़ाई से भयभीत हैं, उसे डर है कि इस्लामी प्रतिरोध हैफ़ा में अमोनिया गैस के कंटेनरों को निशाना बना सकता है और इससे जो धमाका होगा वह एक एटम बम के धमाके जितना होगा, उनकी नज़र में हमारे पास एटम बम है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस्राईल ने हैफ़ा से अमोनिया गैस का भंडार कहीं और पहुंचाने के बारे में सोच रहे हैं. हैफ़ा की एक अदालत ने आदेश दिया है कि इस शहर से अमोनिया गैस के भंडारों को दूसरे स्थानों पर पहुंचाया जाए. इस्राईल के एक राजनैतिक दल के प्रमुख याईर लापीद ने कहा है कि हैफ़ा में अमोनिया के हर भंडार में होने वाले धमाके से 17 हज़ार इस्राईलियों के मारे जाने का ख़तरा है.

इस्राईल का डिमोना परमाणु संयंत्र

इस्राईल में रसायन शास्त्र के एक प्रोफ़ेसर ईहुद कीनान का कहना है कि हैफ़ा में अमोनिया गैस के भंडार में पहुंचने वाला हर कंटेनर इस शहर के लोगों के लिए ख़तरा बढ़ा रहा है. उनका यह भी कहना है कि हैफ़ा से अमोनिया गैस के भंडार को कहीं और पहुंचाने का भी कोई फ़ायदा नहीं है क्योंकि अगर इसमें किसी भी प्रकार का रिसाव हुआ तो 20 किलो मीटर के क्षेत्रफल में लोग ज़हरीली गैस से प्रभावित हो जाएंगे.


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