लेबनानी संगठन हिज्बुलाह की धमकी के चलते इजराइल की जनता खौफ में जीने को मजबूर हैं. इसी को लेकर महीने की शुरुआत में इस्राईली अदालत ने हैफ़ा शहर में स्थित अमोनिया भंडार को ख़ाली करने की योजना पेश करने को कहा हैं.

दरअसल, हिज़्बुल्लाह लेबनान के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने हाल ही में इजराइल को धमकी देते हुए कहा था कि अगर इजराइल और लेबनान के बीच जंग होती हैं तो वह अमोनिया भंडार को ही निशाना बनाएगा. जिसके चलते इजराइल में वह तबाही मचेगी जिसके बारें में उसने सोचा भी नहीं होगा.

इस अमोनिया भंडार में 15 हज़ार टन गैस रखी हुई है. यदि इस भंडार पर हिज़्बुल्लाह का मिसाइल लग गया तो हज़ारों की जान जायेगी. यह एक तरह से परमाणु बम का काम करेगा. हालाँकि नेतनयाहू ने अमोनिया भंडार ख़ाली करने के अदालत के फ़ैसले को टाल कर स्थानीय लोगों को गुस्सा बड़ा दिया हैं.

इसको लेकर इसरायल की संसदमें भी हंगामा मचा हुआ हैं. सांसद सनाया सब्तेलोवा ने कहा कि सैयद हसन नसरुल्लाह की धमकी बिल्कुल साफ़ है जो कह रहे हैं कि अमोनिया का भंडार संभावित परमाणु बम है. नेतनयाहू दस लाख से अधिक लोगों के जीवन को कोई महत्व नहीं देते.

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