यरोशलम – बहरैन के नरेश हमद बिन ईसा आले ख़लीफ़ा ने कहा है कि इस्राईल ही अरब देशों का रक्षक है। ज़ायोनी समाचर पत्र यरोशलम पोस्ट ने 5 मार्च के अपने संस्करण में हमद बिन ईसा आले ख़लीफ़ा के हवाले से लिखा है कि इस्राईल, न केवल अपनी रक्षा में सक्षम है बल्कि वह क्षेत्र के अरब उदारवादी देशों की रक्षा में भी पूर्ण रूप से समक्ष है।

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न्यू गल्फ़ वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, ज़ायोनी समाचार पत्र ने अपने संस्करण में लिखा कि बहरैन नरेश ने न्यूयार्क के इस्राईल के प्रसिद्ध धर्मगुरू मार्क एश्नायर से मुलाक़ात में कहा कि मध्यपूर्व में चरमपंथियों और उदारवादियों के मध्य शक्ति का संतुलन, इस्राईल पर आधारित है।

उन्होंने दावा किया कि फ़ार्स की खाड़ी के अरब देश अब यह समझ गये हैं कि ईरान के विरुद्ध इस्राईल ही उनका हितैषी है और क्षेत्र की शांति एवं स्थिरता तथा उदारवादी अरब देशों की रक्षा में वह सक्षम है।समाचार पत्र आगे लिखता है कि मनामा में होने वाली इस मुलाक़ात में यहूदी धर्मगुरू ने बिन ख़लीफ़ा से मुलाक़ात में मध्यपूर्व के क्षेत्रों के हालिया परिवर्तनों पर उनसे चर्चा की। समाचार पत्र लिखता है कि इससे पहले मार्क एश्नायर, बहरैन नरेश से दो बार मुलाक़ात कर चुके हैं।

यहूदी धर्मगुरू मार्क एश्नायर ने यरोशलम पोस्ट से बात करते हुए कहा कि बहरैन के शासक ने सीमा में रहते हुए अरब जगत में हिज़्बुल्लाह से मुक़ाबला करने के लिए टकराव को विस्तृत करने की मांग की और कहा कि अरब संघ को चाहिए कि वह हिज़्बुल्लाह को आतंकी गुट बताने के बारे में अपनी नीतियों की घोषणा करें।उनका कहना था कि बहरैन नरेश ने उनसे मुलाक़ात में बल दिया कि इस्राईल के साथ कुछ अरब देशों की ओर से कूटनयिक संपर्क चैनल का खोला जाना, समय की आश्यकता है।

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