डॉक्टर अली अकबर विलायती ने कहा है कि सच्चे इस्लाम की तरफ़ लौटना ही इस्लामी जागरुकता है और इस्लामी सभ्यता समाप्त होने वाली नहीं है।

विश्व इस्लामी जागृति केन्द्र के सचिव डॉक्टर विलायती ने ईरानी क्रांति की अड़तीसवीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर विदेशी मेहमानों के साथ आयोजित संगोष्ठी सम्मेलन में कहाः जो इमाम ख़ुमैनी कहा करते थे वह इस्लाम के अतिरिक्त कुछ नहीं था, उन्होंने अपने प्रतिरोध को इस्लाम के आरम्भिक सालों के प्रतिरोध से मीरास में पाया था।

उन्होंने कहाः ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में आयतुल्लाह ख़ामेनेई की दृढ़ता ने दूसरी क़ौमों को भी प्रतिरोध की राह दिखाई है, इराक़, सीरिया, यमन, लीबिया, ट्यूनीशिया, अफ़गानिस्तान, भारतीय उपमहाद्वीप की जनता को साम्राज्यवाद के विरुद्ध डट जाना चाहिए।
उन्होंने कहाः इस्लामी जागरुकता की बयार पूरी दुनिया में फैल गई है। हम देख रहे हैं कि अमरीकी अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सके हैं, अमरीका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति ऐसी बातों को कह रहे हैं जो उनके कुप्रबंधन और विरोधाभास की निशानी है।

उन्होंने ने ट्रंप के आक्रमक रवय्ये पर कहाः वह जो कहते हैं वह अतार्किक बयानबाज़ी के अतिरिक्त कुछ नहीं है, उनको अपने पहले वालों से सीख लेनी चाहिए और इस्लामी देशों के बारे में बेकार की बातों से बचना चाहिए।
उन्होंने कहाः अगर ट्रंम ने इस्लामी देशों के विरुद्ध अपनी गुस्ताख़ियों को जारी रखा तो मुसलमान उनको वह सबक़ सिखाएंगे जो संभालने के लायक़ न होगा।


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