सांकेतिक फोटो

दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में वेतन के रूप में पैसों के अलावा विभिन्न चीज़ें मिलती हैं लेकिन हालिया दिनों में एक एेसा मामला भी सामने आया है जहाँ वेतन के एक हिस्से के रूप में लड़कियां दी जाती हैं.

दाइश के एक आतंकी ने अदालत में क़ुबूल किया है कि उसे चार ईज़दी लड़कियां, इस आतंकी गुट में काम करने के बदले में वेतन के रूप में मिली थीं. मोसुल की एक अदालत में दाइश का यह आतंकी अपने ऊपर लगाए गए चार महिलाओं से बलात्कार, अपहरण और हत्या के आरोपों के बारेे में जज को बता रहा था और इस दौरान उसने बेहद भयानक तथ्य उजागर किये.

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40 वर्षीय मुहम्मद अहमद नामक इस व्यक्ति ने अदालत में यह बात स्वीकार की कि जब दाइश ने वर्ष 2014 में सैकड़ों ईज़दी महिलाओं और लड़कियों को दासी बना लिया तो उसे भी चार ईज़दी लड़कियां वेतन के एक भाग के रूप में दी गईं. इस आतंकी ने न्यायालय को बताया कि वह हर रात इनमें से एक लड़की के साथ बिताया करता था.

अदालत में बयान देते समय इस आतंकी के चेहरे पर पछतावे का कोई चिन्ह नहीं था. उसके बाल बिखरे हुए और दाढ़ी लम्बी और सीने तक पहुंच रही थी. वह मुश्किल से सांस ले रहा था और कभी कभी उसका शरीर अस्वाभाविक रूप से कांपने लगता था. यह इराक़ी लड़कियों और महिलाओं के साथ दाइश के आतंकियों के बलात्कार की पहली कहानी नहीं है. इससे पहले भी दाइश के एक आतंकी ने स्वीकार किया था कि उसने 200 महिलाओं के साथ बलात्कार किया है. बताया जाता है कि इस समय भी लगभग 3000 ईज़दी महिलाएं दाइश के चंगुल में हैं.