सियोल, साउथ कोरिया। ताजुश शरिया अल्लामा अख्तर रज़ा के विसाल में सिर्फ हिंदुस्तान ही नही बल्कि पूरी दुनिया मे इसाले सवाब की महफ़िलो का इनकाद किया जा रहा है।

इसी सिलसिले में आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल की इस्लामिक जामा मस्जिद में भी एक महफ़िल का आयोजन किया गया। यह आयोजन मुस्लिम स्टूडेंट्स आर्गेनाईजेशन ऑफ इंडिया (MSO) के सदर शुजाअत अली क़ादरी के कोशिश से वहाँ की जामा मस्जिद में और प्रिंस सुल्तान इस्लामिया मदरसा में हुआ जिसमें कई लोगो ने शिरकत की।

शुजाअत इन दिनों कोरिया के दौरे पर है, उन्होंने बताया कि सियोल की जामा मस्जिद का निर्माण उस्मानी हुकूमत के बादशाह के ज़रिए कराया गया था और यहाँ इस्लाम की अहले सुन्नत हनफ़ी अक़ाएद के लोग है।

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बता दें कि जानशीन मुफ्ती-ए-आजम हिंद मौलाना अख्तर रजा खां अजहरी मियां का 20 जुलाई को निधन हो गया था। वे बीते कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। बेटे मौलाना असजद रज़ा खान व उनके दामाद सलमान हसन खान द्वारा उनकी देखभाल की जा रही थी।

हुज़ूर ताजुश्शरीया भारतीय उपमहाद्वीप में अहले सुन्नत व जमाअ़त के बड़े और बुजुर्ग आलिमों में से एक थे। उन्हे इमाम अहमद रजा फाजिले बरेलवी का इल्मी जानशीन कहा जाता है। हुज़ूर ताजुश्शरीया ने इस्लामी दुनिया के सबसे प्राचीन और बड़े विश्व विद्यालय जामिया अज़हर, क़ाहिरा, मिस्र में तालीम हासिल की थी।

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