क़तर के मामले में इराक ने तटस्थ रहने का फैसला किया है. इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी ने कहा कि क़तर मामले में इराक किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं करेगा.

बहरैन के विदेश मंत्री ख़ालिद बिन अहमद आले ख़लीफ़ा से बगदाद में मुलाक़ात के दौरान उन्होंने कहा कि  फ़ार्स की खाड़ी के तटवर्ती अरब देशों के बीच पैदा होने वाले संकट में इराक़ किसी भी पक्ष का साथ नहीं देगा.

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उनका यह बयान, दोहा के ख़िलाफ़ सऊदी अरब, बहरैन, मिस्र और संयुक्त अरब इमारात का साथ देने के लिए इन देशों की ओर से पड़ने वाले निरंतर दबाव के संबंध में बग़दाद का औपचारिक रुख़ समझा जा रहा है.

गौरतलब रहें कि बहरीन के विदेश मंत्री खालिद अल खलीफा अपनी अनिर्धारित यात्रा तहत रविवार को इराक की राजधानी बगदाद में पहुंचे.

हालांकि उनकी ये यात्रा सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन द्वारा क़तर से रिश्तें तोड़े जाने के बाद हुई है. उन्होंने इस सबंध में इराकी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाक़ात और बातचीत की.

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