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तुर्की के शहर इस्तांबुल में शुक्रवार को D-8 के नवें शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईरान के उप राष्ट्रपति इसहाक़ जहांगीरी ने रोहिंग्याओं के नस्लीय सफ़ाए पर साम्राज्यवादी ताकतों को आड़े हाथों लिया.

उन्होंने रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ म्यांमार में जारी हिंसा पर कहा कि इराक़, फ़िलिस्तीन, अफ़ग़ानिस्तान, यमन और बहरैनी जनता को युद्ध की आग में झोंके जाने पर दुख जताते हुए कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसमलानों को नस्लीय सफ़ाए का सामना है, इसके बावजूद मानवाधिकारों का दावा करने वाले पश्चिमी देश ख़ामोशी से तमाशा देख रहे हैं.

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उन्होंने कहा, आज विश्व में विभिन्न संकटों के उत्पन्न होने का कारण, साम्राज्यवादी शक्तियों की नीतियां, दूसरे देशों के आतंकरिक मामलों में हस्तक्षेप और चरमपंथ को बढ़ावा देना है. उन्होंने दुनिया भर के समस्त मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि हिंसा और चरमपंथ के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं.

उप राष्ट्रपति ने कहा, आज की दुनिया में धर्म और राष्ट्र के नाम पर चरमपंथ और हिंसा का कोई स्थान नहीं है. जहांगीरी ने कहा, साम्प्रदायिकता, हिंसा और आतंकवाद कहीं भी और किसी भी नाम से हो, ख़तरनाक है.

ईरान के उप राष्ट्रपति ने इराक़, फ़िलिस्तीन, अफ़ग़ानिस्तान, यमन और बहरैनी जनता को युद्ध की आग में झोंके जाने पर दुख जताते हुए कहा कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसमलानों को नस्लीय सफ़ाए का सामना है, इसके बावजूद मानवाधिकारों का दावा करने वाले पश्चिमी देश ख़ामोशी से तमाशा देख रहे हैं.

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