जाने माने परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह की राजधानी तेहरान के बाहर उनकी ही कार में शुक्रवार को हत्या कर दिये जाने के बाद ईरान ने इस वारदात के पीछे सीधे तौर पर इजरायल को जिम्मेदार ठहराते हुए परिणाम भुगतने की धमकी दी है। हालांकि इजरायल ने इससे इंकार किया है।

इजरायल के कैबिनेट मंत्री तजाची हेंग्बी ने शनिवार को कहा कि ईरानी परमाणु वैज्ञानिक की हत्या के पीछे उनके पास “कोई जानकारी नहीं” है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के विश्वासपात्र हेंग्बी ने एन 12 के मीट द प्रेस को बताया, “मेरे पास कोई सुराग नहीं है कि यह किसने किया। ऐसा नहीं है कि मेरे होंठ सील दिए गए हैं क्योंकि मैं जिम्मेदार हूं, मुझे वास्तव में कोई सुराग नहीं है।”

इसी बीच रविवार को एक हार्ड-लाइन ईरानी समाचार पत्र ने सुझाव दिया कि यदि इजरायल ने वैज्ञानिक की हत्या को अंजाम दिया है तो ईरान को हाइफा के इजरायली बंदरगाह शहर पर हमला करना चाहिए। इस हमले से न केवल बंदरगाह तबाह होगा बल्कि जान-माल की भी भारी नुकसान होगा।

कायनात ने ईरानी विश्लेषक सदोलाह ज़ारेई द्वारा लिखा गया अंश प्रकाशित किया, जिसने सीरिया में रिवोल्यूशनरी गार्ड बलों को मार डालने वाले संदिग्ध इजरायली हवाई हमलों पर ईरान की पिछली प्रतिक्रियाओं की दलील दी, जो इसराइल को रोकने के लिए बहुत दूर नहीं गया था।

हैफा पर प्रहार करना और बड़ी संख्या में लोगों को मारना “निश्चित रूप से निंदा का कारण बनेगा, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के शासन और उसके एजेंट युद्ध में और सैन्य टकराव में हिस्सा लेने के लिए तैयार नहीं हैं। साथ ही जनवरी में शीर्ष ईरानी जनरल को मारने वाले अमेरिकी ड्रोन हमले के बाद इराक में अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले से अधिक हाइफा पर हमला करने की आवश्यकता थी।

वहीं हिज्बुल्ला नेता हसन नसरल्लाह ने भी हाल ही में हाइफा के अमोनियम नाइट्रेट के स्टोरों पर हमला करने का सुझाव दिया, एक अत्यधिक तीव्र विस्फोटक जिससे अगस्त में बेरूत बंदरगाह में विस्फोट हुआ जिसमें 193 लोग मारे गए और 6,500 अन्य घायल हो गए।

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