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वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि जब तक सीरिया में ईरान की सेनाएं बनी रहेंगी तक तक सीरिया को दी जाने वाली पुनर्निर्माण सहायता रोक दी जाएगी।

गल्फ न्यूज के अनुसार पोम्पियो ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को अलग-थलग करने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ईरान पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंध लगाने की बात कही।

पोम्पियो ने कहा, देश से ईरान को बाहर निकालने के जिम्मेदारी सीरिया सरकार की है। अगर ईरान सीरिया में मौजूद है तो इसके लिए सीरिया जिम्मेदार है। यदि सीरिया ईरान समर्थित सेना को पूरी तरह से बाहर नहीं करता तो उसे पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका से एक डालर भी नहीं मिलेगा। 

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अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से लड़ाई जारी रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। ईरान को खदेडऩा प्राथमिकता सूची में दूसरे स्थान पर है।

ईरान ने सीरिया की अस्थिरता को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को अपने पक्ष में करने का स्वर्णिम अवसर माना हुआ है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आईएस को नेस्तनाबूद करने के लिए सीरिया मिशन शुरू किया था। अमेरिका के सीरिया में लगभग 2000 सैनिक हैं जो मुख्यत: विद्रोहियों को परामर्श और प्रशिक्षण देने का काम करते हैं।

इसी बीच पूर्वी सीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह और अमेरिकी समर्थित लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई की खबरें हैं। अमेरिका समर्थित सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) ने बताया कि गुरुवार को लड़ाई सुसाह गांव को लेकर हुई जहां रेतीले तूफान की वजह से दृश्यता काफी खराब है।

ब्रिटेन स्थित ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट’ ने बताया कि लड़ाई बुधवार को शुरू हुई थी, जब आईएस ने विपक्षी समूह पर हमला बोल दिया था।  इसमें उनके 10 लोग मारे गए थे। अन्य 35 विपक्षी लड़ाकों की स्थिति अभी साफ नहीं हुई है।

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