ईरान ने किया उपग्रह का सफल प्रक्षेपण, नई मिसाइल का भी किया खुलासा

ईरान ने रविवार (9 फरवरी) को एक उपग्रह को अंतरिक्ष में “सफलतापूर्वक” प्रक्षेपित किया लेकिन यह कक्षा तक नहीं पहुंच पाया।

मंत्रालय की अंतरिक्ष इकाई के अहमद हुसैनी के हवाले से कहा गया, ”सिमोर्ग (रॉकेट) ने उपग्रह जफर को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया, लेकिन उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने के लिए अपेक्षित गति हासिल नहीं कर सका।”

इसके अलावा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड की एयरोस्पेस डिवीजन ने मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल के बारे में भी खुलासा किया। कॉर्प्स के कमांडर मेजर जनरल होसैन सलामी ने आईआरजीसी एयरोस्पेस के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अमीरली हाजीजादे के साथ मिसाइल और इंजन का अनावरण किया।

फतेह श्रेणी और कम वजन वाली इस मिसाइल का नाम राड-500 (राड का मतलब गरज होता है) है और इसकी मारक क्षमता 500 से 700 किलोमीटर तक है। यह अपने लक्ष्य को बहुत ही सटीकता से भेदने में सक्षम है। इसके अलावा एक मिसाइल प्रणोदक का भी प्रदर्शन किया गया है, जिसका नाम सलमान है और यह मिसाइल में ठोस ईंधन के जरिए इसे निर्वात में भी काम करने के लिए सक्षम बनाता है।

बता दें कि ईरान की अंतरिक्ष एजेंसियों पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखा है। यह ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए एक साल लंबे अमेरिकी दबाव अभियान का हिस्सा हैं। अमेरिका को आशंका है कि उपग्रहों को कक्षा में रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लंबी दूरी की बैलिस्टिक तकनीक का इस्तेमाल ईरान परमाणु हथियारों को लॉन्च करने के लिए भी कर सकता है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि ईरान स्पेस एजेंगी उपग्रहों और विहिकल टेक्नोलॉजी को विकसित करती है और वह ईरान स्पेस रिसर्च सेंटर के साथ शोध और विकास के काम करती है। दोनों ने एक प्रतिबंधित लिक्विड प्रोपेलैंट बैलिस्टिक मिसाइल ऑर्गेनाइजेशन, शाहिद हेमत इंडस्ट्रियल ग्रुप के साथ काम किया। हालांकि, तेहरान ने इस बात से इनकार किया कि उसकी स्पेस एक्टिविटी असल में हथियारों को लॉन्च करने के कार्यक्रम पर पर्दा डालने के लिए है।

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