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ईरानी डॉक्टर अहमद्रेजा जलाली को वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या के लिए इजरायल को जानकारी देने के लिए दोषी करार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई गई है.

एएमनेस्टी इंटरनेशनल ने सोमवार को कहा कि स्वीडन में पढ़ाने वाले ईरानी डॉक्टर अहमदरेजा जलाली को जासूसी के आरोपों में ईरान में मौत की सजा सुनाई गई.

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तेहरान ने कहना है कि 2010 और 2012 के बीच कम से कम चार ईरानी वैज्ञानिकों को मार डाला गया था, जिनकी हत्या परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को तोड़ने के उद्देश्य से की गई थी. ईरान ने 2012 में हत्याओं पर एक आदमी को फांसी दी थी, जिसका इसराइल के साथ लिंक था.

तेहरान अभियोजक अब्बास जाफारी दोलताबादी ने कहा कि उस व्यक्ति ने इज़राइली इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद के साथ कई बैठकें की थीं और उन्हें ईरान के सैन्य और परमाणु साइटों के बारे में स्वीडन में पैसा और निवास के बदले संवेदनशील जानकारी प्रदान की थी.

एनेस्टी का कहना है कि अदालत ने जलाली के खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्होंने इजरायल सरकार के साथ काम किया था, जिसके बाद उन्हें स्वीडिश रेसिडेन्सी परमिट प्राप्त करने में मदद मिली. हालंकि स्वीडन ने सजा की निंदा की और कहा कि उसने इस मामले को स्टॉकहोम और तेहरान में ईरान के प्रतिनिधियों के साथ उठाया.

स्वीडिश विदेश मंत्री मार्गोट वॉलस्ट्रम ने एक ईमेल टिप्पणी में कहा, हम अपने सभी रूपों में मौत की सजा के इस्तेमाल की निंदा करते हैं मौत की सजा एक अमानवीय, क्रूर और अपरिवर्तनीय दंड है जो आधुनिक कानून में कोई स्थान नहीं है”

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