Monday, June 14, 2021

 

 

 

करबख में जारी लड़ाई पर ईरान ने अजरबैजान-आर्मेनिया के सामने जताया विरोध

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ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि उसने विवादित करबख क्षेत्र पर दो पूर्व सोवियत गणराज्यों के बीच चल रही लड़ाई में इस्लामिक गणराज्य के क्षेत्र में शत्रुता के विस्तार पर अजरबैजान और आर्मेनिया दोनों को विरोध का एक नोट दिया है।

प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादेह ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि ईरानी विदेश मंत्रालय ने ईरान में गोलियों की बौछार और “गोलाबारी” के विरोध में अज़रबैजान गणराज्य और आर्मेनिया को आधिकारिक नोट  भेजा है। दोनों ने ईरान की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया है। इसकी सुरक्षा को कम करके और ईरानी नागरिकों पर “वित्तीय क्षति” पहुँचाया।

उन्होने बताया, “दोस्ताना संबंधों और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों के मद्देनजर, हमने इस्लामी गणतंत्र ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और इस तरह की अस्वीकार्य घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के लिए दोनों पक्षों से आह्वान किया।”

खतीबज़ादेह ने कहा, “ईरान किसी भी तरह से अपने नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।” पिछले आठ दिनों से जारी आर्मेनियाई और अज़रबैजानी बलों के बीच दक्षिण काकेशस में युद्ध खतरनाक रूप ले चुका है।

कुछ दिनों पहले, ईरान के उत्तर-पूर्वी प्रांत अज़ाराबाईजान में सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में लड़ रहे करबख में युद्धरत पक्षों द्वारा मोर्टार के गोले दागे गए। खबरों के मुताबिक, खोदा-आफरीन काउंटी के एक गांव में एक मोर्टार गिरने से 6 साल का बच्चा घायल हो गया।

नागोर्नो-करबाख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अज़रबैजान गणराज्य के हिस्से के रूप में मान्यता प्राप्त है, लेकिन यह 1990 के दशक की शुरुआत से आर्मेनिया के नियंत्रण में है। इस क्षेत्र ने 1991 में अजरबैजान से स्वतंत्रता की घोषणा की।

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