अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प द्वारा कई मौकों पर खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के गठन के लिए अमेरिका के पूर्व राजनेताओं को जिम्मेदार ठहराया है.

ऐसे में अब ईरान ने उसकी संसद पर हुए हमले को लेकर अमेरिका के खिलाफ अंतराष्ट्रीय न्यायालय में जाने का फैसला किया है. ईरान का कहना है कि जून 2017 में संसद और इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी के मक़बरे पर होने वाले आतंकवावी हमलों की साज़िश में वाशिंगटन की अहम भूमिका रही है, इन हमलों की ज़िम्मेदारी दाइश ने ली थी.

बता दें कि जनवरी 2016 में ट्रम्प ने अपने समर्थकों के बीच कहा था, हिलेरी क्लिंटन ने आईएसआईएस को जन्म दिया है। 17 जुलाई 2016 को सीबीएस के साथ 60 मिनट के इंटरव्यू में ट्रम्प ने बल देते हुए कहा था, हिलेरी क्लिंटन ने अपनी मूर्खतापूर्ण नीतियों के ज़रिए आईएसआईएस को जन्म दिया.

मंगलवार को ईरान की संसद में न्यायिक समिति के सदस्य अबुल फ़ज़्ल अबू तुराबी ने कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान, ट्रम्प ने बहुत ही स्पष्ट रूप से अपनी प्रतिद्वंद्वी क्लिंटन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा था कि अमरीका ने ही आईएसआईएस का गठन किया है.

अबू तुराबी का कहना है कि एक देश के नेता की बात, अदालत में सुबूत के तौर पर स्वीकार की जानी चाहिए. इसी आधार पर तेहरान अंतरराष्ट्रीय अदालत में वाशिंगटन को घसीटेगा.

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