ईरान की राजधानी तेहरान में छठीं अंतर्राष्ट्रीय फ़िलिस्तीन कान्फ़्रेन्स का आयोजन हुआ. इस कान्फ़्रेन्स का उदघाटन ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने अपने भाषण के साथ किया.

उन्होंने कहा, फ़िलिस्तीन की दुःख दास्तान और धैर्यवादी राष्ट्र भारी शोक प्रत्येक यथार्थवादी और न्यायप्रिय को दुखी कर देता है, और उसके दिल को पीड़ा से भर देता है. फिलिस्तीन का इतिहास और उस पर क्रूर कब्जा करके लाखों लोगों को विस्थापित करना और इस बहादुर कौम के साहसी प्रतिरोध कथा में उतार चढ़ाव रहा है. ख़ामेनई ने कहा, इतिहास में दुनिया के किसी भी राष्ट्र ने  ऐसे दुख, दर्द और ज़ुल्म का सामना नहीं किया. उन्होंने कहा, हमें फ़िलिस्तीनी जनता के राजनीतिक समर्थन के प्रति कभी लापरवाह नहीं होना चाहिए, यह आज की दुनिया में एक उच्च प्राथमिकता है.

मुस्लिम स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ़ इंडिया के महासचिव शुजात अली कादरी और फिरोज मीठीबोरवाला

इसी के साथ उन्होंने बैतूल मुक्कदस की स्वतंत्रता को लेकर कहा कि क्षेत्रीय संकट की वजह से कुद्स का मुद्दा फीका पड़ गया है. उन्होंने आगे कहा,  इजराइल की और से फ़िलिस्तीनी जनता का बर्बरतापूर्ण दमन, बड़े पैमाने पर गिरफ़तारियां, जनसंहार, भूमियों पर क़ब्ज़ा और वहां यहूदी बस्तियों का निर्माण, बैतुल मुक़द्दस और मुस्जिदुल अक़सा में इस्लामी व ईसाई धार्मिक स्थानों की पहिचान बदलने की कोशिशें और दूसरे बहुत से अत्याचार जारी हैं और इन अत्याचारों को अमरीका तथा कुछ पश्चिमी सरकारों का समर्थन प्राप्त है.

दो दिवसीय इस सम्मेलन में 80 देशों के 700 विदेशी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. भारत से इस सम्मेलन में मुस्लिम स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ़ इंडिया के महासचिव शुजात अली कादरी, एनसीपी सांसद तारिक अनवर, जेडीयू सांसद केसी त्यागी, सीपीआई सांसद डी राजा, बीजेपी सांसद उदित राज, सपा सांसद जावेद खान और फिरोज मीठीबोर वाला ने शिरकत की.


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