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अमेरिका ने भारत के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन में शिकायत दर्ज कराई है. जिसमे आरोप लगाया है कि भारत गेहूं और चावल पर दिए जा रहे अपने बाजार मूल्य समर्थन को उल्लेखनीय रूप से कम कर दिखा रहा है.

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर और कृषि मंत्री सोनी परड्यू ने संयुक्त बयान में कहा कि अमेरिका ने विश्व व्यापार संगठन की कृषि विषयक समिति (सीओए) के समक्ष भारत के गेहूं और चावल पर बाजार मूल्य समर्थन (एमपीएस) के मुद्दे पर चार मई को जवाबी रिपोर्ट दाखिल की है.

डब्ल्यूटीओ समझौते के तहत पहली बार किसी अन्य देश के उपायों पर किसी देश ने कृषि संबंधी मसले पर जवाबी रिपोर्ट दाखिल की है. बयान में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा इन दोनों कृषि जिंसों पर दी जा रही सहायता व्यापार में विकृति पैदा करने वाली घरेलू सब्सिडी के लिए तय अधिकतम सीमा से कहीं ऊंची है.

गेहूं, चावल पर सब्सिडी की सीमा तोड़ रहा है भारत : अमेरिका

बयान में कहा है गया कि सरकार की ओर से समर्थित क़ीमत के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराना हर देश का कर्तव्य है मगर अमरीका को यह जानकारी मिली है कि भरत अनाज विशेषकर गेहूं और चावल के जिस मूल्य की घोषणा करता है वह उनकी उनकी अस्ल क़ीमत से बहुत ज्यादा कम होता है.

अमरीका के प्रतिनिधि ने कहा कि भरत एक बहुत बड़ा बाज़ार है जहां अमरीका को अपना अधिक हिस्सा चाहिए इस लिए अमरीका चाहता है कि भारत अपने क्रियाकलाप में पारदर्शिता लाए.

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