राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान के नेतृत्व में बढ़ रहे तुर्की से इजराइल अब घबरा रहा है. हाल ही में तुर्किश डेली में छपे एक लेख का हवाला देते हुए इजराइल मीडिया ने दावा किया था कि इजराइल को खत्म करने के लिए तुर्की राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान इस्लामिक सेना का निर्माण करने जा रहे है.
अब एक बार फिर से इसी तरह का दावा करते हुए इजराइल मीडिया की और से कहा जा रहा है कि तुर्की से जल्द ही इस्लामिक ‘सुल्तान’ का उदय’ होने वाला है. जिसके अनुसार 57 मुस्लिम राष्ट्रों को एकजुट कर इजरायल के विरूद्ध संयुक्त सैन्य अभियान के लिए विशाल सेना का गठन किया जा रहा है.
मध्य पूर्व मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमईएमआरआई) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया कि यह राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्डोगन के सबसे करीबी सलाहकारों में से एक के दिमाग की उपज है, और इसराइल के खिलाफ एक इस्लामी सैन्य कार्रवाई के लिए एक खाका तैयार है.
इजराइल मीडिया ने यहाँ तक दावा कर दिया कि रणनीति कुछ इस तरह है कि इजरायल की सीमा के पास स्थित क्षेत्रों से 250,000 सैनिकों की एक प्रारंभिक सेना इजरायल पर हमला करेगी. वहीँ सीबीएन के गॉर्डन रॉबर्टसन ने चेतावनी दी है कि तुर्की के एर्दोगान दुनिया को संकेत दे रहे हैं कि वह इसराइल को मिटा देने के लिए एक इस्लामी खलीफा बहाल करना चाहते है.
इसके लिए बाइबल तक का हवाला दिया गया है. जिसमे कहा गया कि तुर्की इजराइल के खिलाफ अंत तक गठबंधन का हिस्सा होगा, जो भविष्यवाणी यहेजकेल की किताब में भी की गई. रॉबर्टसन ने कहा कि बाइबिल के बहुत सारे विद्वान कहते हैं कि गोग और मागोग सूची के उस अध्याय (यहेजकेल 38) में रूस नहीं बल्कि तुर्की के बारें में कहा गया है.