Wednesday, December 8, 2021

कुरान पर फ्रांस के बेतुके बयान, तुर्की का फ्रांसीसी छात्रों को दाखिला देने से इनकार

- Advertisement -

फ़्रांस तेजी से इस्लामोफोबिया को फैलाने में मदद कर रहा है, जिसका जीता-जागता उदाहरण है – क़ुरान में परिवर्तन करने की मांग. फ्रांस में ये मांग बड़ी जोरो के साथ उठाई जा रही है.

इस मामले में अब तुर्की ने कड़ा रुख इख्तियार कर लिया है. तुर्की ने अपने विश्वविद्यालयों में अब फ़्रांसीसी भाषा के विभाग में नए छात्रों को दाख़िला नहीं देने का बड़ा फैसला लिया है.

दरअसल, फ़्रांस के अधिकारियों ने क़ुरान से कुछ भागों को निकालने की मांग की थी और देश के शिक्षा केन्द्रों में तुर्की के अध्ययन विभागों को कम करने की बात कही थी. जिसके बाद तुर्की के उच्च शिक्षा बोर्ड ने यह निर्णय लिया है.

क़ुरान के बारे में मुंह खोलने से पहले फ़्रांसीसी अधिकारी अपनी जानकारी बढ़ाएं, तुर्की

फ़्रांस के इस क़दम पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वरिष्ठ तुर्क अधिकारी इमरुल्लाह इसलेर ने कहा है कि हम क़ुरान के बारे में फ़्रांसीसी अधिकारियों के ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान की निंदा करते हैं.

वरिष्ठ तुर्क अधिकारी का कहना था कि उच्च शिक्षा बोर्ड तुर्की की एक स्वायत्त संस्था है, जिसने फ़्रांसीसी अधिकारियों के इस तरह के बयानों के जवाब में यह क़दम उठाया है.

इसलेर ने कहा, इस फ़ैसले के दूसरा कारण यह है कि फ़्रांसीसी विश्वविद्यालयों में ऐसे विभाग बहुत कम हैं, जहां तुर्की भाषा पढ़ाई जाती है. उन्हें अपने यहां तुर्कोलॉजी विभागों में वृद्धि करने की ज़रूरत है.

तुर्क सरकार ने फ़्रांसीसी अधिकारियों से मांग की है कि इस्लाम की सबसे पवित्र धार्मिक पुस्तक के बारे में मुंह खोलने से पहले उसके बारे में अपनी जानकाही में वृद्धि करें.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles