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सऊदी अरब के रिटार्यड जनरल और रियाज़ में मध्यपूर्व रिसर्च इंस्ट्टीयूट के  प्रमुख अनवर इश्क़ी के फिलिस्तीन को लेकर दिए गए बयान को लेकर मध्य-पूर्व सहित पूरी मुस्लिम दुनिया में हंगामा बरपा हुआ है.

दरअसल, उन्होंने अपने बयान में कहा कि फ़िलिस्तीनी सऊदी नागरिक नहीं हैं और बुद्धि की मांग यह है कि सऊदी अरब दूसरे देशों की रक्षा करने से पहले अपनी रक्षा करे. अनवर इश्क़ी ने कहा कि उदाहरण स्वरूप यदि आपके और आपके पड़ोसी के घर में आग लगे तो स्वभाविक रूप से पहले आप अपने घर की आग बुझाएंगे.

उन्होंने इस बात का दावा करते हुए कि सऊदी अरब, ईरान के विरुद्ध युद्ध में अमरीकी और इस्राईली गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा, कहा कि सऊदी अरब केवल एक हालत में ईरान और हिज़्बुल्लाह के विरुद्ध इस्राईल के युद्ध में भाग लेगा जब उनके कथनानुसार हिज़्बुल्लाह सऊदी अरब के शहरों पर हमला करेगा.

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source: Al Arabiya

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सऊदी अरब की गुप्तचर संस्था के पूर्व प्रमुख अनवर इश्क़ी ने इस्राईल का भरपूर बचाव करते हुए कहा कि इस्राईल को दुश्मन समझा जाता है किन्तु पूरे इतिहास में एक बार भी उसने सऊदी अरब पर हमला नहीं किया. बता दे कि कुछ दिनों पहले ही सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि “फिलिस्तीनियों को या तो अमेरिका का शांति प्रस्ताव स्वीकार करना चाहिए या “चुप रहना चाहिए”.

उन्होंने कहा था, “पिछले 40 वर्षों से, फिलीस्तीनी नेतृत्व ने बार-बार   शांति के अवसरों को खोया है और उन्हें ख़ारिज किया है. यह समय ऐसा है की जब फिलिस्तीनियों को शांति से वार्ता करनी चाहिए, उन्हें शांति स्वीकार कर लेनी चाहिए या तो चुप रहना चाहिए और शिकायत बंद करनी चाहिए .”

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