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तुर्की राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने 31 मार्च को हैगिया सोफिया में कुरान ए पाक की तिलावत कर दुनिया भर को आश्चर्यचकित कर दिया.

एर्दोगान ने एक त्योहार के उद्घाटन समारोह में भाग लेने वाले मेहमानों को कुरान की पहली सुरह यानि सुरह फातिहा को पढ़ने के लिए कहा. उन्होंने मेहमानों को सुरह फातिहा की तिलावत कर इस्तांबुल विजेताओं को उसका ईसाले सवाब के तौर पर पेश करने को कहा.

बता दें कि हैगिया सोफिया 6 वीं शताब्दी ईसाई बीजान्टिन साम्राज्य के दौरान बनाया गया ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च था. जो 1453 में इस्तांबुल के तुर्क साम्राज्य के साथ एक शाही मस्जिद में परिवर्तित हो गया था.

बाद में आधुनिक तुर्की के संस्थापक मुस्तफा कमाल अतातुर्क ने  इसे 1935 में एक संग्रहालय में बदल दिया था. लेकिन हाल के वर्षों में इसे एक मस्जिद के रूप में परिवर्तित करने के आदेश दे दिए गए है.

हज़ारों सालों से मुस्लिम तुर्कों ने हगिया सोफिया में इबादत की है. ऐसे में इसे फिर से मस्जिद में बदला जा रहा है. युनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में 85 वर्ष पहले पहली बार कुरान पढ़ा गया है.

इसी के साथ रमजान के महीने से तुर्की का धार्मिक प्राधिकरण न केवल यहाँ रोजाना कुरान की तिलावत कराएगा बल्कि यहाँ पर पैगंबर मोहम्मद (सल्ल.) को दरुदों-सलाम के साथ याद किया जायेगा.


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