चीन की और से एक के बाद एक देश की संप्रभुता के उल्लंघन के मामले सामने आ रहे है। डोकलाम विवाद के करीब एक साल बाद चीनी सैनिकों ने फिर से भारतीय सीमा का अतिक्रमण किया है। चीनी सैनिक भारतीय सीमा क्षेत्र, सिक्किम में करीब दो किलोमीटर अंदर तक घुस आए। जिसके बाद भारतीय सैनिकों को चैन बनाकर उन्हे रोकना पड़ा।

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के जवानों ने सिक्किम के पश्चिमी जिले नाकू में घुसपेठ की। 50 चीनी सैनिक भारतीय सीमा का अतिक्रमण कर घुस आए और चार घंटे तक बने रहे। इस दौरान दोनों तरफ से किसी तरह की गोलीबारी नहीं हुई। हालांकि दोनों पक्षों की बीच तीखी नोक-झोंक हुई।

ध्यान रहे इससे पहले डोकलामा में दोनों देशों की सेना 10 सप्ताह तक आमने सामने थीं। दरअसल, चीन डोकलाम में निर्माण कार्य कर रहा था। जिस पर भारत ने आपत्ति जताई थी। इस दौरान चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि डोकलाम चीनी भूभाग है और चीन उस इलाके में अपने प्रतिष्ठान बना रहा है।

इस घटना के बाद तिब्बत मे भी चीनी सैनिकों ने घुसपेठ की थी। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के किविथू से सटी लाइन ऑफ कंट्रोल पर भारत और चीन के बीच तनातनी आम बात हो चुकी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक चीनी सैनिक तिब्बत में लोगों को मारकर लाशें फेंक देते है। जो चीन की निगिचू और भारत में आने के बाद लोहित नदी में बहकर आती हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि आईटीबीपी के इंस्पेक्टर डी करुणाकर ने बताया कि चीनी सैनिक पत्थरों पर संदेश लिखने के अलावा लाल रंग के बैनर पर भी ऐसे ही संदेश दिखाते हैं जब भारतीय सैनिकों से उनका आमना-सामना होता है। वह बताते हैं कि इसके जवाब में भारतीय सैनिक भी उन्हीं की भाषा में उन्हें जवाब देते हैं।