Saturday, July 24, 2021

 

 

 

पाक संसद में बोले एर्दोगान – भारत के ‘एकतरफा कदम’ से कश्मीर की मुसीबतें बढ़ी

- Advertisement -
- Advertisement -

गुरुवार को पाकिस्तान के दो दिवसीय दौर पर पहुंचे तुर्की के राष्ट्रपति  राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन ने शुक्रवार को पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और इस दौरान कश्मीर के मुद्दे को उठाया।

संसद में संयुक्‍त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे कश्मीरी भाई-बहन दशकों से बहुत कुछ झेल रहे हैं। इस दौरान उन्‍होंने बिना भारत का नाम लिए कहा कि हाल में उठाए गए एकतरफा कदमों की वजह से उनकी पीड़ा और बढ़ गई है। कश्मीर का मुद्दा संघर्ष या दमन के जरिये नहीं सुलझाया जा सकता है। इस मसले को न्याय और पारदर्शिता से ही हल किया जा सकता है। इस तरह से निकाला गया समाधान ही सभी पक्षों के हित में होगा।

उन्होने कहा, तुर्की के कैनाकले में जो सौ साल पहले हुआ, वहीं कश्मीर में दोहराया जा रहा है। तुर्की इस दमन के खिलाफ अपनी आवाज उठाना जारी रखेगा। एर्दोगन ने कहा कि हमारी दोस्ती साझा हितों पर नहीं बल्कि प्रेम पर आधारित है। आज कश्मीर का मुद्दा जितना आपके दिल के करीब है, उतना ही हमारे भी है। अतीत की तरह हम भविष्य में भी पाकिस्तान को समर्थन देना जारी रखेंगे।

एर्दोगन ने तुर्की-पाकिस्तान की दोस्ती के कई अध्यायों का जिक्र किया और कहा कि अतीत में पाकिस्तान ने हमेशा उनके देश का साथ दिया है। 1915 के युद्ध का जिक्र करते हुए एर्दोगन ने कहा कि जब हम डार्डेनेल्स स्ट्रेट को बचाने के लिए जंग लड़ रहे थे, 6000 किमी दूर लाहौर स्क्वॉयर में हमारे समर्थन में एक रैली की जा रही थी। लाहौर स्क्वॉयर में हुई इस ऐतिहासिक रैली में भारी संख्या में मुस्लिम इकठ्ठा हुए थे और ब्रिटिश हुकूमत के दबाव के बावजूद तुर्की के के लिए भारी मात्रा में चंदा जुटाया था।

एर्दोगन ने कहा, प्यारे भाइयों और बहनों आप से ज्यादा मैं किससे मोहब्बत और स्नेह करूं? हम कभी भी उस मदद को नहीं भूल सकते हैं जो हमारी आजादी की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान के लोगों ने की थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles