भारतीय नौसेना के स्वदेशी स्टील्थ डिस्ट्रॉयर आईएनएस चेन्नई से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। मिसाइल ने सटीकता के साथ टारगेट को सफलतापूर्वक हिट किया।

यह मिसाइल ध्वनि की रफ्तार से तीन गुना तेजी से वार कर सकती है। इसकी रफ्तार करीब 3457 किमी प्रति घंटे है। यह 400 किमी की रेंज तक निशाना लगा सकती है। डीआरडीओ के एक अधिकारी ने बताया कि मिसाइल को समुद्र, जमीन और लड़ाकू विमानों से भी दागा जा सकता है।

इससे पहले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 30 सितम्बर को ओडिशा के चांदीपुर में विस्तारित रेंज की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था, जो 400 किमी. से अधिक दूरी पर लक्ष्य को मार सकती है।

डीआरडीओ की पीजे-10 परियोजना के तहत मिसाइल को स्वदेशी बूस्टर के साथ लॉन्च किया गया था। ब्रह्मोस मिसाइल की पहले 300 किमी. तक मारक क्षमता थी लेकिन डीआरडीओ ने पीजे-10 परियोजना के तहत स्वदेशी बूस्टर बनाकर इसकी मारक क्षमता बढ़ा दी है।यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के विस्तारित रेंज संस्करण का दूसरा परीक्षण था।

भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के बीच परीक्षण को बेहद अहम माना जा रहा है। भारत लगातार देसी और विदेशी हथियारों से सेना को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

ब्रह्मोस सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल को रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है। ब्रह्मोस मिसाइल का नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है।

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