file photo: the dome of the rock, the western wall and the mughrabi gate is seen in jerusalem
FILE PHOTO: The Dome of the Rock, the Western Wall and the Mughrabi Gate entrance to the compound known to Muslims as al-Haram al-Sharif, and to Jews as Temple Mount, are seen in Jerusalem's Old City March 7, 2011. REUTERS/Baz Ratner/File Photo
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FILE PHOTO: The Dome of the Rock, the Western Wall and the Mughrabi Gate entrance to the compound known to Muslims as al-Haram al-Sharif, and to Jews as Temple Mount, are seen in Jerusalem’s Old City March 7, 2011. REUTERS/Baz Ratner/File Photo

तुर्की और यमन की और से सयुंक्त राष्ट्र की महासभा में लाए गए जेरुसलम पर प्रस्ताव को पूरी दुनिया का समर्थन मिला. 128 देशों ने मतदान कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस फैसले को गलत करार दिया. जिसमे उन्होंने जेरुसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दी थी.

गुरुवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 128 देशों ने मतदान किया. जबकि 35 देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया. केवल 9 देशों ने प्रस्ताव के ख़िलाफ़ मतदान किया है. ध्यान रहे भारत ने भी अमेरिका और इजरायल का साथ न देते हुए प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया.

ये मतदान ऐसी स्थिति में हुए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सदस्य देशों को प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने पर आर्थित और अन्य सहायता रोके जाने की धमकी दी थी.

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इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका का मिस्र की और से पेश किये गए प्रस्ताव को भी रद्द कर चूका था. 14 सदस्यों के समर्थन के बावजूद अमेरिका ने इस प्रस्ताव को वीटो कर दिया था.

आप को बता दें कि जेरुसलम इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है. जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक साजिश के तहत इजरायल को सौंपे जाने की कोशिश की है.