पाक शूटर्स को नहीं दिया वीजा तो IOC ने भारत के खिलाफ उठाया बड़ा कदम

पुलवामा हमले के विरोध में भारत ने दिल्ली में चल रहे शूटिंग वर्ल्ड कप में भाग लेने के लिए आने वाले दो पाकिस्तानी शूटर्स को वीजा देने से इंकार कर दिया। जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने भारत के खिलाफ कड़ा फैसला लेते हुए अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (IOC) ने देश से इस तरह की सभी चर्चाओं को स्थगित करने के साथ सिफारिश की कि उसे कोई बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं दी जाए।

आईओसी (IOC) ने कहा कि देश के खिलाफ यह फैसला तब तक बरकरार रहेगा जब तक उन्हें भारत सरकार से लिखित में स्पष्ट गारंटी नहीं मिल जाती कि इस तरह की प्रतियोगिताओं में सभी प्रतिभागियों का प्रवेश ओलिंपिक चार्टर के नियमों का पूर्ण पालन करते हुए किया जाएगा। आईओसी ने गुरूवार शाम को लुसाने में हुई कार्यकारी बोर्ड की बैठक के बाद कहा, ‘आईएसएसएफ वर्ल्‍डकप में पैदा हुए हालात ओलिंपिक चार्टर के मौलिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं, विशेषकर भेदभाव नहीं करने के सिद्धांत। ‘इसके अनुसार, ‘इसके परिणामस्वरूप, आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने भविष्य में भारत में खेलों और ओलिंपिक संबंधित टूर्नामेंट की मेजबानी के लिये संभावित आवेदन के संबंध में भारतीय एनओसी और सरकार के साथ सभी चर्चाओं को निलंबित करने का भी फैसला किया है।’

बता दें कि भारत 2026 युवा ओलिंपिक, 2032 ग्रीष्मकालीन ओलिंपिक और 2030 एशियाई खेलों की मेजबानी करने की उम्मीद लगाए था। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) पहले ही 2032 खेलों के लिये आईओसी को मेजबानी की इच्छा भेज चुका है और 2026 की बोली लगाने की प्रक्रिया भी अगले साल शुरू होने की उम्मीद है।

आईओए महासचिव राजीव मेहता ने दिल्ली में कहा, ‘हमने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की लेकिन अंत में सरकार को ही वीजा देने होते हैं। देश में सभी खेलों के लिये यह भयावह स्थिति है। ‘उन्होंने कहा, ‘भारत में टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं कर पाने के अलावा हमारे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने में भी समस्या आएगी। हम दोबारा सरकार से बात करेंगे ताकि हालात इस स्तर तक नहीं पहुंच जायें।

‘उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘यह ओलिंपिक चार्टर का उल्लघंन है और इससे देश की छवि भी खराब होगी। अगर भारत सरकार 15 से 20 दिन के अंदर यह गारंटी नहीं देती है तो आईओसी से एक और पत्र आ सकता है।’ पिछले साल भी देश को ऐसे ही विवाद का सामना करना पड़ा था जब महिला विश्व चैम्पियनशिप के दौरान कोसोवो की मुक्केबाज को वीजा नहीं दिया गया था और आईओसी ने शुक्रवार को आईओए को लिखे पत्र में इसका भी जिक्र किया।

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