ame

अमेरिका ने भारत, चीन सहित सभी देशों से ईरान से कच्चे तेल का आयात चार नवंबर तक बंद करने की धमकी दी है। जिसके बाद भारत ने ईरान से कच्चे तेल के आयात में कटौती करने का फैसला किया है।

इतना ही नही मोदी सरकार ने 4 अगस्त से 29 अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क को भी वापस ले लिया है। ये अतिरिक्त शुल्क ट्रंप सरकार ने भारत के स्टील पर 25 फीसदी और एल्युमिनियम पर 10 फीसदी शुल्क बढ़ाने के बाद लगाए गए थे।

बता दें कि भारत में इराक और सऊदी अरब के बाद सबसे ज्यादा कच्चा तेल ईरान से मंगाया जाता है। 2017-18 के पहले दस महीनों (अप्रैल-जनवरी) में ईरान से 1.84 टन तेल आया था। इस बीच भारत ने ईरान से कच्चे तेल का आयात घटाने की घोषणा की है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

दरअसल,  बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने मुलाकात में कहा था कि भारत को ईरान के तेल पर निर्भरता को कम करना होगा। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने 4 नवंबर तक की समय सीमा दी थी। वरना आर्थिक प्र्तिबंध झेलने कि धमकी दी थी।

एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला बढ़ता जा रहा है, ऐसे में रिफाइनरी को किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान से आयात को शून्य पर लाया जाए लेकिन यह व्यावहारिक नहीं है। इस मुद्दे पर अगले हफ्ते विदेश मंत्रालय के साथ बैठक होगी।