संयुक्त राष्ट्र संघ की विशेष प्रतिनिधि ने म्यंमार में मुसलमानों के जनसंहार की स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठाई हैं. संयुक्त राष्ट्र की अधिकारी यांघी ली को म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर हुए अत्याचार की जांच के लिए भेजा गया था.

यांघी ली ने कहा कि म्यांमार में किया जाने वाला मुसलमानों का जनसंहार, मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है. उन्होंने अपनी जाँच में इसे जातीय सफाया का नाम दिया हैं. पनी जान बचाकर बांगलादेश पहुंचे  204 रोहिंग्या शरणार्थियों के बयानों के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया कि ‘Area clearance operations’ के नाम पर सैकड़ों की संख्या में हत्याएं हुई हैं.

इसके अलावा 101 महिलाओं के भी बयान दर्ज किये गए जिनमे आधे से अधिक महिलाओं ने बताया कि उनके साथ बलात्कार किया गया. संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं को कई महिलाओं ने बताया कि कैसे उनके सामने उनके नवजात शिशु सहित उनके युवा बच्चों को मारा गया. उन्होंने बताया कि उनके बच्चों को काट दिया गया, कुचल दिया गया.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

ली ने बताया कि अपनी जांच के दौरान उन्होंने ऐसी कई जानकारी मिली, एक के बाद एक भयानक कहानी ने उन्हें झकझोर कर रख दिया. उन्होंने एक माँ पर हुए जुल्म के बारें में बताया, जिसके दर्द को वे भी सहन न कर सकी.

सुरक्षा बलों ने पूरे गांव में आग लगाईं, उसके बाद बड़े पैमाने पर हत्याए की गई, बलात्कार किये गये और उनके खाद्यान सामग्री को भी जला दिया गया.

Loading...