Thursday, August 5, 2021

 

 

 

ब्रिटेन की संसद में उठा दिल्ली हिंसा और सीएए का मुद्दा, भारत सरकार की तीखी आलोचना

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उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुई मुस्लिम विरोधी हिंसा की गूंज ब्रिटेन की संसद भी सुनाई दी। हाउस ऑफ कॉमन्स में सिख सांसद तनमनजीत सिंह और प्रीत गिल कौर ने दिल्ली हिंसा का मुद्दा उठाया। उन्होने कहा कि दिल्ली की हालिया हिंसा पुरानी दर्दनाक यादों को ताजा कर रही है। उनका इशारा सिख दंगों की और था।

तनमनजीत सिंह ने कहा, जब मैं भारत में पढ़ रहा था तो एक अल्पसंख्यक के तौर पर 1984 के सिख नरसंहार का गवाह बना। हमें इतिहास से जरूर सीखना चाहिए, हमें उन लोगों के बहकावे में नहीं आना चाहिए जो समाज को बांटने का मकसद रखते हैं, जो धर्म की आड़ में लोगों को मारना चाहते हैं और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। मैं स्पीकर से यह पूछना चाहता हूं कि उन्होंने भारतीय मुस्लिमों के खिलाफ हो रही घटनाओं को लेकर भारतीय समकक्ष को क्या संदेश दिया है?

एडबैस्टन से लेबर पार्टी की सांसद प्रीत गिल कौर ने पूछा, क्या मंत्री यह बता सकते हैं कि भारत में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए वह क्या कदम उठा रहे हैं। वहीं लेबर पार्टी के ही सांसद खालिद महमूद ने पूछा कि दिल्ली में हुए दंगों को लेकर यूके की सरकार क्या कर रही है। महमूद ने चेतावनी दी कि नागरिकता संशोधन कानून के बाद नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (एनआरसी) आएगा और फिर मुस्लिमों को प्रत्यर्पित किए जाने से पहले उन्हें यातना कैंप में रखा जाएगा।

उन्होंने कहा, मोदी के कदमों से उनके ‘हिंदुओं के लिए भारत’ नारे को नफरत से भरी राष्ट्रवादी बर्बरता में तब्दील कर रहे हैं। उन्होंने सदन में कहा कि मुस्लिमों को पीटा जा रहा है जबकि पुलिस चुप रही और मोदी चुनावी सफलता के फायदों की गिनती कर रहे हैं।

इन प्रश्नों के जवाब में ब्रिटेन के विदेश एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) के राज्य मंत्री निजेल एडम्स ने कहा कि ब्रिटेन मानवाधिकारों समेत सभी स्तरों पर भारत के साथ बातचीत कर रहा है। एडम्स ने कहा, ‘ब्रिटेन सरकार कानून (सीएए) के संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंतित है।’ मंत्री ने कहा, ‘भारत सरकार के साथ हमारे करीबी रिश्तों की वजह से हम उनके साथ मुश्किल मुद्दों पर चर्चा कर पाते हैं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों समेत अपनी चिंताएं उन्हें स्पष्ट कर पाते हैं। हम घटनाओं पर करीब से निगाह रखना जारी रखेंगे और जब उनके साथ हमारी चिंताएं होंगी तो उन्हें व्यक्त करेंगे।’

वहीं पाकिस्तानी मूल की एक अन्य सांसद नुसरत गनी ने सरकार से ब्रिटेन सरकार की चिंताओं को भारतीय अधिकारियों तक पहुंचाने का आग्रह किया है। कन्जर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहा, ‘वह इस बात से वाकिफ कराएंगे कि दंगों में सिर्फ मुस्लिम नहीं मारे गए हैं, बल्कि हिंदू भी मरे हैं।’

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