नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का कहना है कि भारत के परमाणु हथियार सुरक्षित हाथों में नहीं हैं। इमरान खान ने कई ट्वीट करके अतंरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में दखल देने की मांग की है।

इमरान खान ने ट्विटर पर कहा है कि फासीवादी और नस्लवादी हिंदू वर्चस्व वाली मोदी सरकार के नियंत्रण में भारत के परमाणु हथियार की सुरक्षा पर गंभीर विचार करने की जरूरत है।  इमरान ने गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा कि पीओके और अक्साई चीन कश्मीर का हिस्सा है।

मरान ने ट्वीट में कहा, “भारत का परमाणु हथियार हिंदू वर्चस्ववादी व फासीवादी नेतृत्व के नियंत्रण में हैं। इसकी सुरक्षा पर दुनिया गंभीरता से विचार करे, क्योंकि इसका प्रभाव केवल क्षेत्र में ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा।” उन्होंने ट्वीट में कहा, “भारत पर हिंदू वर्चस्ववादी विचारधारा और नेतृत्व ने उसी तरह कब्जा कर लिया है, जिस तरह जर्मनी पर नाजियों ने किया था।”

उन्होंने ट्वीट किया कि मोदी सरकार पाकिस्तान के अलावा भारत के अल्पसंख्यकों तथा गांधी और नेहरू के भारत के लिए खतरा है। इमरान खान ने आरोप लगाया, ‘दुनिया को बोतल से बाहर आए इस जिन्न पर नजर रखनी चाहिए।’

उन्होंने आगे कहा, यह खतरा पाकिस्तान और भारत के अल्पसंख्यकों पर भी है। कोई भी गूगल करके नाजी विचारधारा और जातीय हिंसा और आरएसएस-भाजपा के संस्थापकों के बीच की नरसंहार वाली विचारधारा के बीच की कड़ी को समझ सकता है। पहले से ही 40 लाख भारतीय मुस्लिमों को निरोध शिविरों और नागरिकता रद्द होने का सामना करना पड़ता है। दुनिया को यह बात समझनी चाहिए कि जिन बोतल से बाहर आ चुका है और वह नफरत और नरसंहार को फैला रहा है। अतंरराष्ट्रीय समुदाय को आकर इसे रोकना चाहिए।

अंत में खान ने कहा, ‘विश्व को फासीवादी, जातिवादी हिंदू वर्चस्ववादी मोदी सरकार के नियंत्रण में मौजूद परमाणु शस्त्रागार की सुरक्षा पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह ऐसा मसला है जो न केवल क्षेत्र बल्कि दुनिया को प्रभावित करता है। हिंदू वर्चस्ववादी मोदी सरकार पाकिस्तान के साथ ही भारत में रहने वाले अल्पसंख्यकों और गांधी-नेहरू परिवार के लिए खतरा है।

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