imra

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की आधारशिला रखने के बाद भारत की और एक बार फिर से दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।

इस मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि भारत-पाकिस्तान दोनों तरफ से गलतियां हुईं हैं। जब फ्रांस और जर्मनी साथ हैं फिर हम क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि क्या हम अपना एक मसला हल नहीं कर सकते? कोई ऐसी चीज नहीं जो हल नहीं हो सकती। इरादे बड़े होने चाहिए। ख्वाब बड़े होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हम भारत के सभ्य संबंध चाहते हैं।

इमरान खान ने कहा कि मुसलमानों को मदीना जाने में जो खुशी मिलती है वह खुशी हिंदुस्‍तान से आए हमारे भाईयों को चेहरे पर देख रहे हैं। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि हिंदुस्‍तान एक कदम बढ़ाएगा हम दो कदम बढाएंगे। उन्होने कहा कि भारत-पाकिस्तान दोनों तरफ से गलतियां हुईं हैं। जब फ्रांस और जर्मनी साथ हैं फिर हम क्यों नहीं?  उन्होंने कहा कि क्या हम अपना एक मसला हल नहीं कर सकते?

sushma swaraj 850 620x400

हालांकि भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दो टूक शब्दों में पाक के साथ द्विपक्षीय बातचीत की संभावना को नकार दिया है। स्वराज ने कहा कि पिछले कई सालों से भारत सरकार इस (करतारपुर ) गलियारे के लिए कह रही थी, लेकिन अब पाकिस्तान ने सकारात्मक जवाब दिया है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकती।

हैदराबाद में सुषमा ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को नहीं रोकता है तब तक उसके साथ बातचीत शुरू नहीं की जा सकती। जहां तक करतारपुर कॉरिडोर का सवाल है तो किसी एक को क्रेडिट नहीं दिया जाना चाहिए क्योंकि एकतरफा मामला नहीं है। इसी बीच पाकिस्तान ने सार्क सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रित करने की बात कही है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से दी गई इस जानकारी के जवाब में भारत सरकार के एक बड़े अधिकारी ने साफ कर दिया कि भारत सार्क का अभिन्न हिस्सा है और उसे विशेष निमंत्रण की जरुरत नहीं है, वैसे भी इस सम्मेलन को लेकर कोई तारीख भी तय नहीं हुई है।

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें