पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वह अब भारत के साथ बातचीत नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है, “उनसे (भारत) बात करने का अब कोई मतलब नहीं रह गया है। मेरा मतलब है, मैंने सारी बात कही, दुर्भाग्य से अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, जो भी पहल मैंने शांति और बातचीत के लिए की है, उसे गंभीरता से नहीं लिया है।”

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में इमरान ने आगे कहा, मुझे लगता है कि इससे ज्यादा हम कुछ कर भी नहीं सकते। लिहाजा, दोनों परमाणु हथियार संपन्न देशों में युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है। इमरान खान ने कहा कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई को सही ठहराने के लिए कश्मीर में झूठा अभियान शुरू कर सकता है।

इससे पहले इमरान खान ने मंगलवार को कहा था कि पाकिस्तान के लिये कश्मीर सुरक्षा की पहली पंक्ति है। उनकी कैबिनेट ने यह फैसला किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने जब संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे तब उस दौरान पाकिस्तान कश्मीर में स्थति को रेखांकित करेगा।

वहीं गुरुवार को पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि कश्मीर में मध्यस्थता के लिए कई बार पेशकश की गई, लेकिन ये तभी संभव हो पाएगा जब भारत इसे स्वीकार करेगा। इस्लामाबाद में पाकिस्तान के विदेश विभाग (एफओ) के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने प्रेस वार्ता में कहा, “कई देशों की ओर से मध्यस्थता की पेशकश की गई लेकिन हम तब तक आगे नहीं जा सकते जब तक भारत इसे स्वीकार नहीं करेगा।”

इसके अलावा उन्होने ये भी कहा कि इस्लामाबाद कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में उठाने की योजना बना रहा है। कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान मामलों की सीनेट कमेटी को फैसल ने अवगत कराया कि यूएनएचआरसी फोरम के इस्तेमाल सहित विभिन्न विकल्पों को लेकर चर्चा की जा रही है।

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