इस्लामाबाद: पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान बाढ़ प्रभावित केरल को किसी भी तरह की मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए तैयार है।

खान ने एक ट्वीट किया, ‘‘पाकिस्तान के लोगों की तरफ से भारत में केरल में बाढ़ के कारण तबाही झेलने वालों के प्रति प्रार्थना और शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं। हम किसी भी तरह की मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए तैयार हैं।’

बता दें कि केरल में आठ अगस्त से मूसलाधार बारिश के कारण 230 से अधिक लोग मारे गए हैं और कम से कम 10.10 लाख लोग अभी भी शिविरों में रह रहे हैं। हालांकि भारत पहले ही विदेश से मिलने वाली किसी भी वित्तीय मदद को लेने से इनकार कर चुका है। इससे पहले यूएई ने भी करीब 700 करोड़ रुपए की मदद देने का ऐलान किया था जिसे भारत सरकार ने ठुकरा दिया था।

भारत सरकार ने नियमों को हवाला देकर साफ कर दिया है कि केंद्र सरकार देश में आए किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने में खुद ही सक्षम है। दरअसल, साल 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने फैसला लिया था कि देश में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं और ऐसे किसी आपातकालीन स्थिति में अब विदेशी मदद नहीं ली जाएगी।

साल 2013 के उत्तराखंड त्रासदी और साल 2014 में जम्मू-कश्मीर में आए भयानक बाढ़ में भी तत्कालीन यूपीए सरकार ने विदेशी वित्तीय मदद लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि इससे पहले साल 2004 में बिहार में आए भयानक बाढ़, 2001 में बंगाल में चक्रवात तूफान, 2001 के गुजरात भूकंप, 1993 में लातूर भूकंप जैसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में विदेशी मदद को स्वीकार कर चुकी है।