अमेरिकी सैनिकों की फिर से इराक़ में लोटने को लेकर इराक़ के वरिष्ठ सुन्नी मुफ़्ती  महदी सुमैदई ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी को स्वीकार नहीं किया जाएगा. अगर ऐसा होता हैं तो अमेरिका से सैन्य मुकाबला किया जाएगा.

बग़दाद में एक समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि अगर अमरीकी, इराक़ लौटना चाहेंगे तो वे उनसे लड़ने के लिए सबसे पहले स्वेच्छा से आगे आएंगे और देश के टुकड़े होने से रोकने की हर कोशिश करेंगे. उन्होंने इराक़ में आईएस के आतंकियों के प्रवेश को लेकर कहा कि कुछ पक्षों ने अलअंबार प्रांत के घेराव में पानी की तरह पैसा बहाया और उसका परिणाम, इराक़ में आईएस का प्रवेश था.

वहीँ इराक़ के विदेश मंत्री इब्राहीम जाफ़री भी स्पष्ट कर चुके हैं कि  इराक़ की सरकार अपने देश में अमरीकी सैनिकों की तैनाती और अमरीकी सैन्य छावनियों के निर्माण को स्वीकार नहीं करेगी और वह केवल अमरीका के सैन्य सलाहकारों की उपस्थिति और उनके द्वारा इराक़ी बलों को सैन्य ट्रनिंग दिए जाने पर सहमत है.

याद रहे अमरीका ने वर्ष 2011 में इराक़ से अपने सैनिकों को वापस बुला लिया था लेकिन 2014 में दाइश की ओर से इराक़ के कई क्षेत्रों पर क़ब्ज़ा किए जाने के बाद 5000 अमरीकी सैनिक, सैन्य सलाहकारों के नाम से दोबारा इराक़ पहुंच गए हैं.

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