राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की मांग पर विशेष अदालत द्वारा जारी किये गए वहाफी प्रचारक जाकिर नाईक खुलकर सामने आ गए हैं. उन्होंने कहा कि एनआईए मुझे भगोड़ा बताने की बजाय मुझ से मलेशिया में आकर पूछताछ करे. उन्होंने कहा कि मै विडियो कांफ्रेंस के जरिए भी अपना पक्ष रखने को तैयार हूँ.

उन्होंने कुआलालामपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि भारत सरकार को उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय या मलेशिया की अदालत में उनके खिलाफ मामला उठाना चाहिए. भारत आने को लेकर उन्होंने कहा कि वह भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से समक्ष खुद को पेश करने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने दावा करते हुआ कहा कि भारत में मुस्लिमों के साथ दुर्व्यवहार होता हैं. और इसके कई उदाहरण हैं.

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नाईके ने आगे कहा कि ”मैंने उन्हें बताया कि मैं स्काइप, फोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात करने के लिए तैयार हूं. अगर मैं वहां जाता हूं तो वे मुझे यातना देंगे. तो मुझे वहां क्यों जाना चाहिए? उन्होंने अन्य मुसलमानों के साथ ऐसा किया है और मेरे पास सबूत हैं.

गौरतलब रहें कि एनआईए ने उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का फैसला किया है. एनआईए जाकिर नाईक को प्रत्यर्पण कर भारत लाना चाहती हैं.

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