हंगरी में फैल रहा जमकर सूफीवाद – दरवेश गुल बाबा की दरगाह पर्यटकों का पसंदीदा स्थल

6:35 pm Published by:-Hindi News

हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में 16 वीं शताब्दी के ओटोमन दरवेश गुल बाबा का मकबरा पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहा है।

गुल बाबा फाउंडेशन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, तुर्की और हंगरी के संयुक्त नवीकरण परियोजना के बाद इसे 2018 में खोला गया, पिछले महीने लगभग 7,000 जायरिनो ने इस दरगाह की जियारत की।

बयान में कहा गया है कि अधिकांश जायरिन हंगेरियन थे। इसके अलावा लगभग 40% विदेशी थे। जिनमे खासकर तुर्क। फाउंडेशन ने आगे कहा कि जायरिनो को न केवल गुल बाबा के युग के बारे में जानने का अवसर मिल रहा है, बल्कि तुर्की – हंगरी संबंधों के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

गुल बाबा – जिसका अर्थ है फादर ऑफ रोज़ – एक तुर्क बेक्टाशी दरवेश कवि थे और सुल्तान सुलेमान के साथी थे – 1520-1566 तक ओटोमन साम्राज्य के दसवें और सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले सुल्तान।

1541 में बुडापेस्ट में गुल बाबा की मृत्यु हो गई, जब यह क्षेत्र तुर्क शासन के अधीन था। उनके अष्टकोणीय मकबरे का निर्माण तीन साल बाद रोज़ादोम्ब (रोज़ हिल) में हुआ था।

2014 में तुर्की और हंगरी के बीच एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद संरचना को बहाल किया गया था।

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