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लाहौर: पाकिस्तान के आम चुनाव में इस बार तीन मुस्लिम सांसदों ने मुस्लिम बहुल इलाकों से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। बता दें कि पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के तीन हिन्दू उम्मीदवार सिंध प्रांत के मुस्लिम बहुल इलाकों से निर्वाचित हुए हैं।

इनमे से एक हिन्दू सांसद महेश मलानी का भारत-पाक रिश्तों को लेकर कहना है कि वह दोनों के बीच बराबरी का रिश्ता देखना चाहते हैं। TOI से बातचीत में उन्होने कहा कि ‘जिन्हें पाकिस्तान सुरक्षित नहीं लगता…उनके लिए यहां आना बाध्यता नहीं है। वे लोग जिन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है या हासिल कर ली है, उनके लिए मेरे पास कुछ भी कहने को नहीं है।’

महेश ने आगे कहा, ‘दोनों देशों को समान रूप से संबंधों की ठीक करने और इस क्षेत्र में शांति और सद्भाव लाने का प्रयास करना चाहिए। चूंकि हम (पीपीपी) विपक्ष में है, हम सुनिश्चित करेंगे कि हमारी सरकार भारत के साथ शांति के लिए की गई हर पहल में बराबर सहयोग करे।’ महेश ने कहा, ‘दिवंगत बेनजीर भुट्टो, हमारी मां, हमेशा भारत सहित सभी पड़ोसियों के साथ बेहतर रिश्तों की वकालत करती थीं। मैं उन्हीं के पदचिह्नों पर चलते हुए भारत के साथ संबंधों को प्रोत्साहित करने का काम करूंगा।’

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पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे भेदभाद के सवाल पर मलानी ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय मीडिया मेरे देश के बारे में सिर्फ नकारात्मक खबरें दिखाता है। मुझे हिंदू और मुस्लिम दोनों ने वोट दिया। क्या यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए कड़ा संदेश नहीं है? मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दीवाली, होली, कृष्ण जन्माषअटमी के मौके पर पाकिस्तान आने का न्योता दूंगा ताकि वह देखें कि हम ये त्योहार कितना धूमधाम से मनाते हैं।’

बता दें कि मलानी 2003-2008 में भी सांसद रह चुके हैं तब पीपीपी ने उन्हें आरक्षित सीट से नामित किया था। हालांकि इस बार उन्होने जनरल सीट से जीत दर्ज की है।