हिंदू लड़कियां हुई अदालत में पेश, कहा – मर्जी से बनी मुसलमान, कोर्ट ने दी पतियों के साथ रहने की इजाजत

10:55 am Published by:-Hindi News

बीते दिनों पाकिस्तान में दो हिन्दू लड़कियों के इस्लाम धर्म अपनाने को लेकर बड़ा बवाल मचा था। इस मामले में अब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। दरअसल, दोनों बहनों ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) के समक्ष कहा कि ‘इस्लाम की शिक्षा से प्रभावित होकर’ उन्होंने अपना धर्म बदला।

कोर्ट ने एक पांच सदस्यीय आयोग की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों लड़कियों को उनके पतियों के साथ रहने की इजाजत दे दी। एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को अदालत में सुनवाई के दौरान गृह सचिव ने बताया कि आयोग की सदस्यों मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी और नेशनल कमीशन आन द स्टेटस आफ वुमेन चेयरपर्सन खावर मुमताज ने लड़कियों और उनके पतियों से अलग-अलग बात की। मुमताज ने कहा, ‘लड़कियों ने अपने प्रेमियों से शादी करने के लिए स्वेच्छा से इस्लाम कबूला है।’

गृह सचिव ने कहा, ‘यह जबरन धर्म परिवर्तन का मामला नहीं लग रहा है। ऐसा लगता है कि यह उस इलाके की संस्कृति बन गया है। मेडिकल टेस्ट में प्रमाणित हुआ है कि लड़कियां बालिग हैं और इनकी उम्र 18 और 19 साल है।’ विवाद के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिंध और पंजाब की सरकारों से मामले की जांच करने और अगर जबरन धर्म परिवर्तन की बात सही हो तो लड़कियों को तलाशने का आदेश दिया था।

बता दें कि भारतीय विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने भी इस मामले में दखल दिया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के ‘नया पाकिस्तान’ का संदर्भ देते हुए उन्होने ट्वीट किया, “पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों का जबरन धर्मांतरण हुआ। लड़कियों की उम्र को लेकर कोई विवाद नहीं है। रविना की उम्र सिर्फ 13 साल और रीना की उम्र सिर्फ 15 साल है। यहां तक कि नया पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इस बात पर विश्वास नहीं करेंगे कि इस कच्ची उम्र की लड़कियां स्वेच्छा से किसी दूसरे धर्म में विवाह या धर्म परिवर्तन के बारे में फैसला कर सकती हैं। इन दोनों लड़कियों को तुरंत उनके परिजनों के पास पहुंचाना चाहिए और न्याय मिलना चाहिए।”

इस पर तुरंत जवाब पाकिस्तान के सूचना मंत्री फ़व्वाद चौधरी का आया और उन्होंने कहा कि “यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है और मैं आपको यह आश्वस्त करना चाहता हूं कि यह मोदी का इंडिया का नहीं है जहां अल्पसंख्यकों को तबाह किया जाता है, यह इमरान ख़ान का नया पाकिस्तान है जहां हमारे झंडे का सफ़ेद रंग भी उतनी ही क़ीमती हैं। उम्मीद करता हूं कि जब वहां अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात आएगी तो आप भी उतनी ही तत्परता से कार्रवाई करेंगी।”

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