अमेरिका सहित दुनिया भर में 1 फ़रवरी को ‘विश्व हिजाब दिवस’ मनाया गया. मुस्लिम महिलाओं के प्रति एकजुटता दिखने के लिए मनाया जाने वाले ‘हिजाब डे’ सभी धर्मों की महिलाएं हिजाब पहन कर मुस्लिम महिलाओं के लिए अपनी एकजुटता प्रदर्शित करती हैं.

‘हिजाब डे’ की शुरुआत 2013 में फ्रांस सहित यूरोपीय देशों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ की गई थी. इन देशों में हिजाब को मुस्लिम महिलाओं के लिए गुलामी और उत्पीड़न का प्रतीक बताते हुए प्रतिबंधित किया गया था. इसकी शुरुआत 11 साल की उम्र में बांग्लादेश से अमेरिका में एक प्रवासी के रूप आई नजमा खान ने 2013 में की थी.

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इस साल अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिको पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण ‘हिजाब डे’ को बड़े ही गहरे अर्थ के साथ लेते हुए मनाया गया. ‘हिजाब डे’ को न्यूयॉर्क शहर के मेयर बिल डे ब्लासियो और न्यूयॉर्क के असेंबली विधायक डेविड वेप्रिन ने भी अपना समर्थन दिया.

न्यूयॉर्क शहर के मेयर बिल डे ब्लासियो ने ‘हिजाब डे’ को अपना समर्थन देते हुए ट्वीट किया कि ‘तुम्हारा हिजाब खुबसुरत हैं, और हम तुम्हारा स्वागत कर रहे हैं, हम तुम्हारी वापसी चाहते हैं. बिल डे का ये ट्वीट ‘हिजाब डे’ के साथ ट्रम्प के हालिया प्रतिबंध को लेकर भी हैं.

इसी के साथ ओलंपिक विजेता ‘इब्तिहाज मुहम्मद’ जिन्होंने 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के दौरान सिर पर दुपट्टा बांधकर दुनिया को चौंका दिया था.

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