Thursday, January 27, 2022

UN ने कहा बंद हो सीरिया में खून-खराबा

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संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने सोमवार को कहा कि, सीरिया की सरकार और सहयोगियों द्वारा चल रहे घातक हमलों ने एक विद्रोही आयोजित दमिश्क उपनगर में रहने वाले नागरिकों के लिए यहाँ का माहौल जहन्नुम बना दिया है.  सीज़फायर के बावजूद हवाई हमले रुकने का नाम नहीं ले रहें है.

इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे से “मानवीय विराम” का आदेश दिया ताकि नागरिकों को पूर्वी घौता से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा सके.

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ब्रिटेन स्थित एक युद्ध की निगरानी रखने वाले समूह, सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स द्वारा संकलित एक टोल के मुताबिक, सीरिया के सात साल के युद्ध में सबसे ज्यादा विद्रोही धारक पिछले आठ दिनों में हुआ है. जिसकी वजह से यहाँ के लोगों की जिंदगी जहन्नुम बन गयी है. पिछले हफ्ते से अब तक हवाई हमलों के दौरान 550 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है.

असद शासन के आतंक के गेरे में हज़ारों सीरियाई बच्चे शामिल है जिन पर लगातार घातक हमले किये जा रहे है, इन बच्चों की उम्र 2 साल से लेकर 10 साल के बीच है जिनपर जानलेवा हमले किए जा रहें है, जिनमें कई बच्चों की मौत हो चुकी है. मासूम बच्चों पर क्लोरीन अटैक किए जा रहें है. जिनकी तस्वीरें इतनी खौफनाक है कि किसी की भी आँखों से आंसू निकल आयेंगे. पूर्वी घौता में इंसानियत का खुले आम कत्ल किया जा रहा है.

source: Al Arabiya

अल जज़ीरा के मुताबिक, सरकार के एक स्वास्थ्य अधिकारी ज़ाहिर ह्ज्जो ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि विद्रोही गोलाबारी में पिछले चार दिनों में दमिश्क और आसपास के ग्रामीण इलाकों में 36 मौतें हो चुकी है और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने शनिवार की सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के तत्काल कार्यान्वयन करने के लिए कहा साथ ही ने सीरिया में 30 दिनों के सीज़फायर के लिए भी कहा.

जिनेवा, स्विटजरलैंड में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में बोलते हुए, गुटेरस ने पूर्वी घौता में चल रहे हालातों को  धरती पर नर्क” बताया है साथ ही उन्होंने कहा की इसे रोका जाए. उन्होंने कहा, “मैं हर समय सभी नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को बचाने के लिए अपनी पूरी जिम्मेदारी और अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी और मानव अधिकार कानूनों की याद दिलाता हूं.”

डॉक्टरों ने आरोप लगाया है की असद शासन ने अल-शिफनियाह शहर में क्लोरीन गैस के हमले किये गए. जिसकी चपेट में सबसे ज्यादा मासूम बच्चे आए.

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