हसन रूहानी ने दिखाई नरमी, बोले- अमेरिका सम्मान दिखाए तो हो सकती है बातचीत

6:47 pm Published by:-Hindi News
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ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका सम्मान दर्शाता है और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करता है, तो ईरान वार्ता करने के लिए सहमत हो सकता है, लेकिन कहा कि तेहरान जबरन वार्ता के लिए तैयार नहीं होगा।

ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने को तेहरान अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा करता रहा है और साथ ही उसने अमेरिका द्वारा उस पर प्रतिबंध लगाए जाने की भी निंदा करते हुए इसे इस्लामिक गणतंत्र को नए समझौते के लिए मजबूर करने की अमेरिका की कोशिश करार दिया है।

ईरानी समाचार एजेंसी द फार्स के मुताबिक, रूहानी ने शनिवार को कहा, “अगर दूसरा पक्ष बातचीत की मेज पर सम्मान दर्शाता है और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करता है तो हम (दूसरे पक्ष से) तर्कसंगत बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर बातचीत का आदेश जारी किया जाता तो हमें यह स्वीकार नहीं है।”

दूसरी और सऊदी अरब के किंग सलमान ने शनिवार को पवित्र शहर मक्का में इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) की एक बैठक में वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता जताई। उन्होने कहा कि इस क्षेत्र में “आतंकवादी” हमले से वैश्विक तेल आपूर्ति रुक सकती है।

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किंग सलमान ने कहा, हम पुष्टि करते हैं कि आतंकवादी कार्रवाई न केवल राज्य और खाड़ी क्षेत्र को टारगेट करती है, बल्कि यह नेविगेशन और विश्व तेल आपूर्ति की सुरक्षा को भी निशाना बनाती है। उन्होने कहा, खाड़ी और अरब नेताओं से आह्वान किया है कि ईरान के “आपराधिक कृत्यों” का सामना किया जाए।

उन्होंने हाल के हफ्तों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अपतटीय क्षेत्र में चार तेल टैंकरों में कथित तोड़फोड़ की घटना को समुद्री यातायात की सुरक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाला बताया। उन्होंने सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन पर ड्रोन से हुए हमले के लिए ईरान समर्थित आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया।

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