हसन रूहानी का का डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक से इनकार, बोले – अमेरिका का युद्धोन्माद…

11:35 am Published by:-Hindi News

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जॉन बोल्टन को बर्खास्त करने के बाद अमेरिका ने संकेत दिए कि वह ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के साथ बिना किसी पूर्व शर्त वार्ता करने को तैयार है। लेकिन ईरान ने वार्ता की किसी भी संभावना को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

रूहानी ने बुधवार को कहा कि अमेरिका का ‘युद्धोन्माद’ नाकाम रहा। रूहानी ने ट्रंप के साथ बैठक न करने का फैसला ऐसे वक्त लिया है जब अमेरिकी प्रशासन इस्लामी गणराज्य पर और अधिक सख्त प्रतिबंध लगा रहा है। ईरान सरकार के ट्विटर अकाउंट के मुताबिक रूहानी ने कैबिनेट की एक बैठक में कहा, ‘अमेरीकियों को यह अवश्य समझना चाहिए कि युद्ध जैसी स्थिति और युद्धोन्माद ने उनके पक्ष में काम नहीं किया। इन दोनों चीजों को अवश्य ही छोड़ देना चाहिए।’

उन्होंने अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए कहा, ‘दुश्मन ने हम पर अधिकतम दबाव डाला। हमारा जवाब इसका प्रतिरोध करना और मुकाबला करना है।’ ट्रंप के 2 शीर्ष लेफ्टिनेंटों मंगलवार को संकेत दिया था कि वह (ट्रंप) बगैर किसी पूर्व शर्त के ईरानी राष्ट्रपति के साथ बैठक करने के लिए तैयार हैं।

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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो एवं वित्त मंत्री स्टीवन म्नुचिन ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका इस्लामी गणराज्य (ईरान) के खिलाफ ‘अधिकतम दबाव’ के अपने अभियान को कायम रखेगा।

वहीं संयुक्त राष्ट्र में ईरानी दूत माजिद तख्त रवांची ने भी कहा कि ‘बोल्टन को हटाने का फैसला अमेरिका का आंतरिक मामला है। वार्ता तभी हो सकती है जब अमेरिका तेहरान के खिलाफ लगाए प्रतिबंधों को हटाकर आर्थिक आतंकवाद बंद करे।’ उन्होंने कहा, ‘कोई भी वार्ता 2015 के परमाणु समझौते में शामिल अन्य महाशक्तियों के समूह के ढांचे में होनी चाहिए।

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