कोलंबो: श्रीलंका पोडुजाना पेरमुना (एसएलपीपी) के उम्मीदवार गोताबेया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने राष्ट्रपति चुनावों में जीत दर्ज की है। उन्हें 53-54 फीसद वोट मिले हैं। वहीं, न्यू डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) के साजित प्रेमदासा दूसरे स्थान पर हैं।

शनिवार को देशभर में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ था। डेली मिरर ने बताया कि नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पूर्व रक्षा मंत्री राजपक्षे 17 जिलों (कैंडी, रत्नापुरा, अनुराधापुरा, पोलोन्नारुवा, नुवाराएलिया, गम्पाहा, हंबनटोटा, गॉल, बादुल्ला, केगले, मतारा, कुरुनेगला, पुट्टलम, कलूटारा, कोलंबो, मतले, मुनेरगला) में आगे चल रहे हैं, जबकि प्रेमदासा केवल पांच जिलों (त्रिंकोमाली, जाफना, बट्टिकलोवा, वन्नी, दिगामादुल्ला) में आगे चल रहे हैं।

चुनाव आयोग के प्रमुख महिंदा देशप्रिय ने बताया कि 1.59 करोड़ मतदाताओं के लिए देशभर में 12,845 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतदान के दौरान हिंसा की घटनाओं के बावजूद 80% वोटिंग हुई। इस बार चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए 32 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा। इसलिए मतपत्र 26 इंच का था, जो अब तक के चुनावों में सबसे लंबा है।

पश्चिम श्रीलंका में एक जगह कुछ अज्ञात लोगों ने मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं को ले जा रही दो बसों पर पथराव के बाद गोलीबारी की। हालांकि इसमें किसी को चोट नहीं लगी। पथराव से बसों के शीशे टूट गए। चुनाव में छिटपुट हिंसा के 69 मामले दर्ज किए गए हैं।

तमिल-बहुल उत्तरी प्रांत में मतदान प्रतिशत लगभग 70 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं जाफना जिले में 66 प्रतिशत दर्ज हुआ। पूर्व में युद्ध की मार झेल चुके जिलों किलिनोच्ची में 73 प्रतिशत, मुल्लातिवु में 76 प्रतिशत, वावुनिया में 75 प्रतिशत और मन्नार में 71 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। यह प्रतिशत 2015 के राष्ट्रपति चुनाव से थोड़ा कम है, जब औसत मतदान प्रतिशत 81.52 प्रतिशत दर्ज हुआ था।

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