2018 04 27t161916z 177735172 hp1ee4r19c2g4 rtrmadp 3 usa germany

सीरिया की जंग अपने अंतिम पड़ाव की और बढ़ रही है। सीरिया के सरकारी बल रूस के साथ मिलकर इदलिब को आजाद कराने की कोशिशों मे जुटे है। ये प्रांत सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटाने की कोशिश कर रहे विद्रोहियों और जिहादी गुटों पर आख़िरी गढ़ है।

दूसरी और जर्मन और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के बीच सीरिया पर हवाई हमले करने को लेकर चर्चा चल रही है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर सीरिया में हमले की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिका ने जर्मनी की विदेश मंत्री उर्सुला फॉन डेय लायन से हमले में शामिल होने की दरख्वास्त की है। दोनों देशों के उच्च स्तरीय मंत्रालयों और सैन्य अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है।

माना जा रहा है कि जर्मनी के टोरनैडो फाइटर जेट अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ सीरिया मिशन में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले आखिरी बार 1990 के दशक में जर्मन सेना ने बालकन युद्ध के दौरान विदेश जमीन पर बम गिराए थे। जर्मन रक्षा मंत्रालय को आखिरी मंजूरी चासंलर अंगेला मैर्केल से लेनी होगी।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

syria

बता दें कि मैर्केल पहले कह चुकी हैं कि जर्मनी सीरिया में किसी सैन्य अभियान में शामिल नहीं होगा। मैर्केल ने यह बयान रासायनिक हथियारों के आरोपों से पहले दिया था। फिलहाल जर्मनी की सेना सीरिया में सक्रिय है लेकिन किसी युद्ध मिशन में शामिल नहीं है।

वही संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इदलिब में 29 लाख लोग रहते हैं जिनमें से क़रीब 10 लाख बच्चे हैं। इस शहर के अधिकतर बाशिंदे विद्रोहियों के कब्ज़े वाले अन्य इलाकों से भागकर आए हैं।

Loading...