अल अरबिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को स्थानीय समयानुसार 12:43 बजे पुर्णिमा का चांद मक्का स्थित काबा की सीध में होगा।

28 जनवरी को चंद्रमा सीधे सऊदी अरब में इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल काबा के ऊपर दिखाई देगा और ग्रैंड मस्जिद के साथ लंबवत संरेखित होगा।

जेद्दा एस्ट्रोनॉमी एसोसिएशन के अध्यक्ष माजिद अबू ज़ाहिरा ने अल अरबिया को बताया, “चंद्रमा उत्तरी/उत्तर-पूर्वी क्षितिज से सूर्यास्त के साथ उठेगा और उत्तरी/उत्तर-पश्चिमी क्षितिज में स्थापित होगा।”

अबू जहीरा ने कहा, इसका मतलब है चंद्रमा “रात के आकाश में छह महीने के बाद गर्मियों के सूरज के उच्च पथ का अनुकरण करेगा।”

अबू जहीरा ने कहा कि चांद आधी रात के बाद सऊदी अरब में 89.57.46 डिग्री की ऊंचाई पर काबा के ऊपर दिखाई देगा।

बाद में यह समझाते हुए कि “चंद्रमा आकाश में रात के बाकी हिस्सों के लिए तब तक दिखाई देगा, जब तक कि वह शुक्रवार के सूरज के उदय के साथ सेट न हो जाए।”

पृथ्वी से 381.125 किलोमीटर की दूरी पर चंद्रमा 99.9 प्रतिशत पूरी तरह से रोशन होगा। हर साल एक पूर्णिमा एक बार सीधे मक्का की ग्रैंड मस्जिद के ऊपर दिखाई देती है।

2018 में, अबू ज़ाहिरा ने ऑनलाइन आउटलेट को बताया: “यह घटना दुनिया के सभी कोनों से मुसलमानों को क़िबला की दिशा का पता लगाने में मदद करती है।”

सूरज काबा पर हर साल दो बार घूमता है, अक्सर मई और जुलाई में। जब ऐसा होता है तो काबा में कोई छाया नहीं होती है।