Wednesday, January 26, 2022

कार्टून विवाद पर बोले कनाडाई पीएम – अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी सीमा होती है!

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कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को फ्रांस द्वारा पैगंबर ए इस्लाम के कार्टून के जरिए अपमान के मामले में कहा कि मुफ्त भाषण (फ्री स्पीच) की भी सीमा होती है। इसके जरिए किसी भी की भावनाओं को अनावश्यक रूप से आहत नहीं किया जाना चाहिए।

ट्रूडो ने पैगंबर मोहम्मद के कैरिकेचर दिखाने के अधिकार के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा “हम हमेशा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे।” उन्होंने कहा, “लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमा के बिना नहीं है।” उन्होंने कहा, “हम दूसरों के सम्मान के साथ कार्य करने के लिए खुद पर एहसान करते हैं और उन लोगों के साथ मनमानी या अनावश्यक रूप से चोट नहीं पहुंचाते हैं जिनके साथ हम एक समाज साझा कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने एक उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी कि हमें भीड़ भरे सिनेमा हॉल में आग- आग चिल्लाने का अधिकार नहीं है। हर अधिकार की सीमाएं होती हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन द्वारा दिए बयान से दूरी बनाते हुए ट्रूडो ने अभिव्यक्ति के अधिकार का सावधानी पूर्वक उपयोग करने का अनुरोध किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे जैसे एक बहुलवादी, विविध और सम्मानजनक समाज में हमें अपने शब्दों के प्रभाव को समझना होगा, अपने कार्यों से दूसरों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझना होगा खासकर उन समुदायों और आबादी के संदर्भ में जो आज भी भेदभाव झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि कि समाज इन मुद्दों पर एक जिम्मेदार तरीके से सार्वजनिक बहस के लिए तैयार है।

इसी दौरान उन्होंने कहा कि समाज इन मुद्दों पर एक जिम्मेदार तरीके से सार्वजनिक बहस के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने फ्रांस में हुई हिंसक घटनाओं की निंदा की और दुख जताया।

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