पुलिस के अत्याचारों से जुड़ी तस्वीरों के लेने पर लगाए गए फ्रांसीसी सरकार के प्रतिबंध वाले बिल के खिलाफ पेरिस और अन्य फ्रांसीसी शहरों में पत्रकार संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिये है। इन लोगों का कहना है कि यह सूचना की स्वतंत्रता का उल्लंघन होगा।

शनिवार को रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स, एमनेस्टी इंटरनेशनल फ्रांस, ह्यूमन राइट्स लीग, पत्रकारों की यूनियनों और अन्य समूहों ने विरोध-प्रदर्शन किया। फ्रांस के मानवाधिकार सहित आलोचकों का कहना है कि इस बिल से प्रेस की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचेगा।

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन की पार्टी के सांसदों द्वारा प्रस्तावित कानून के तहत इस तरह की तस्वीर प्रकाशित करने पर एक साल की जेल और 53,000 डॉलर के जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। मैक्रॉन सरकार का कहना है कि बिल का उद्देशय पुलिस अधिकारियों को ऑनलाइन हिंसा से बचाना है।

कड़ी आलोचना के बाद अब प्रधान मंत्री जीन कैस्टेक्स ने गुरुवार को ए एक संशोधन की घोषणा की कि यह “सूचना की स्वतंत्रता को बाधित नहीं करेगा” और यह केवल “स्पष्ट” नुकसान के इरादे से प्रसारित छवियों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

मंगलवार को विधेयक पर मतदान होना है, जिसमें अन्य सुरक्षा उपाय भी शामिल हैं। इसके बाद सीनेट में जाएगा। बता दें कि फ्रांसीसी पुलिस पर अक्सर प्रदर्शनकारियों से निपटने के दौरान क्रूर रणनीति का उपयोग करने का आरोप लगाया जाता है।

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