फ्रांस के विदेश मामलों के मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन ने मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) के महासचिव मोहम्मद बिन अब्दुल करीम अल-इसा को बताया कि उनका देश इस्लाम का सम्मान करता है और फ्रांसीसी मुसलमान देश का हिस्सा हैं।

दोनों के बीच गुरुवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। जिसमें उन्होंने आम हित के कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।

वहीं दूसरी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने मुस्लिम नेताओं से कट्टरपंथी इस्लाम के एक व्यापक दबदबे के हिस्से के रूप में “रिपब्लिकन मूल्यों के चार्टर” को स्वीकार करने के लिए कहा है।

बुधवार को उन्होंने फ्रांसीसी काउंसिल ऑफ द मुस्लिम फेथ (सीएफसीएम) को चार्टर स्वीकार करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया।

चार्टर में कहा गया है कि इस्लाम एक धर्म है और एक राजनीतिक आंदोलन नहीं है, जो मुस्लिम समूहों में “विदेशी हस्तक्षेप” को भी प्रतिबंधित करता है।

इस सबंध में बुधवार की देर रात, राष्ट्रपति और उनके आंतरिक मंत्री गेराल्ड डार्मैनिन ने सीएफसीएम के आठ नेताओं से मुलाकात की।

मैक्रोन ने संकेत दिया है कि वह तुर्की, मोरक्को और अल्जीरिया जैसे देशों से अनुमानित से आए 300 इमामों को चार साल के भीतर देश छोड़ने के लिए कह सकते है।

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