Monday, December 6, 2021

रियाद में जी-20 बैठक के आयोजन के विरोध में आया फ्रांस

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फ्रांस के राष्ट्रीय दल की प्रमुख मारिन लोपेन ने फ्रेंच वेबसाइट। L’Obs के पत्रकार बेपटिस्ट लेग्रांड (Baptiste Legrand) के साथ एक संक्षिप्त साक्षात्कार में 2020 में होने वाली जी20 की बैठकों के ले रियाद के चुनाव की कड़ी आलोचना की है। इसी प्रकार उन्होंने आवर्जन, रक्षा और आतंकवाद पर फ्रांस के राष्ट्रपति अमानोएल मैक्रोन की नीतियों की भी कड़ी निंदा की है।
उन्होंने राष्ट्रीय दल को फ्रांस की तरक्की वाली पार्टी बताते हुए अमानोएल मैक्रोन की राजनीतिक की निदां की, उन्होंने आवर्जन, सुरक्षा और आतकंवाद पर राष्ट्रपति की नीतियों को बहुत की खतरनाक बताया और कहा कि यह एक बहुत बड़ी गलती है जिसके परिणाम बाद में दिखाई देंगे। उन्होंने कहाः मैं बहुत प्रसन्न हूँ कि राष्ट्रीय दल पर बड़े विषय की तरफ़ जाने के अपने रास्ते को आगे बढ़ा रहा है।
लोपने से जब पत्रकार ने फ्रांस और खाड़ी देशों के संबंध पर प्रश्न किया तो उन्होंने उत्तर में कहाः मैक्रोन को चाहिए कि आतंकवाद पैदा करने वाले देशों के साथ अपने संबंधों की दोबारा समीक्षा करें, खेद यह है कि वह हमेशा पर एक के साथ सहयोग करते हैं…. 2020 में जी20 की बैठक रियाद में हो रही है। रियाद क्यों? प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रियाद इस्लामी कट्टरपंथ का समर्थन करता है। वहाबिज़्म सऊदी राजनीतिक का हथियार है, फ्रांस और बेल्जियम में कट्टरपंथी मुसलमानों के आतंकवादी हमले इसी वहाबी विचारधारा से प्रेरित होकर किए गए हैं।

उन्होंने कहाः सुरक्षा के लिए फ्रांस और अमरीका में मतभेद है, क्या हमको युद्ध में शामिल देशों को हथियार बेच कर आतंकवाद पर अपनी आंखें बंद कर लेनी चाहिए? फ्रांस के नागरिकों की सुरक्षा हथियारों को बेचने से कही अधिक महत्वपूर्ण है। मैं दोबारा कहता हूँ हम फ्रांस वासियों के लिए एक इत्मीनान है, अपने को न बेचने का इत्मीनान, और मैक्रोन की राजनीति के स्वंय के लज्जित न करने का इत्मीनान, केवल हमीं वह पार्टी हैं जो वास्तव में मैक्रोंन की विपक्ष हैं।

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